चिटफंड कंपनी में निवेश कर ठगी का शिकार हुए निवेशकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। जिला प्रशासन ने प्रभावित निवेशकों की सूची तैयार कर ली है और अब दस्तावेजों के सत्यापन के बाद उन्हें राशि लौटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, करीब ढाई हजार निवेशकों के दस्तावेजों की जांच की जा रही है। हालांकि, अभी तक प्रत्येक निवेशक को मिलने वाली राशि तय नहीं की गई है। इससे पहले प्रथम चरण में लगभग 45 सौ निवेशकों को करीब 7 करोड़ रुपए लौटाए जा चुके हैं, जो उन्हें लंबी अवधि के बाद मिले थे।
बताया जा रहा है कि संबंधित चिटफंड कंपनी से जुड़े करीब 14 हजार निवेशक हैं, जिन्हें अपना पैसा वापस मिलने की उम्मीद है। कंपनी की संपत्तियों की नीलामी के बाद लगभग 20 करोड़ रुपए शासन के खाते में जमा हो चुके हैं, जिनसे भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
प्रशासन द्वारा यह भी बताया गया कि कंपनी से जुड़ी एक जमीन, जिसे पहले एक निजी कंपनी ने खरीदा था, उसे अब दोबारा नीलाम करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए कई बार निविदाएं जारी की गईं, लेकिन अब तक कोई खरीदार सामने नहीं आया है। जमीन की नीलामी से मिलने वाली राशि भी निवेशकों को लौटाने में उपयोग की जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ की जाएगी, ताकि सभी पात्र निवेशकों को उनका हक मिल सके।
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