Tamil Nadu Assembly Election: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में इस बार कुछ ऐसा हुआ, जो इतिहास बन गया. विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) ने 108 सीटें जीतकर इतिहास रच दिया. विजय ने अपनी नई पार्टी बनाकर पहली बार अपने प्रत्याशियों को चुनावी मैदान में उतारा था. मतगणना से पहले शायद ही किसी को इतना भरोसा रहा होगा कि कोई पार्टी पहली बार चुनाव लड़े और इतनी ज्यादा सीटें अपने नाम कर ले. विजय की पार्टी की जीत की जितनी चर्चा है. उससे ज्यादा चर्चा उनके एक प्रत्याशी सीनिवास सेतुपति आर की है. क्योंकि उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को 1 वोट से चुनाव हराया है.
टीवीके की जीत के साथ ही तमिलनाडु विधानसभा की तिरुप्पत्तूर विधानसभा सीट भी सुर्खियों में आ गई. वजह है जीत का अंतर. तिरुप्पत्तूर सीट से टीवीके के प्रत्याशी रहे सीनिवास सेतुपति आर ने डीएमके के मंत्री के.आर. पेरियाकरुप्पन को 1 वोट के अंतर से हरा दिया. भले ही अंतर सिर्फ 1 वोट का है लेकिन इस 1 वोट ने मंत्री को हराकर विधानसभा से बाहर कर दिया. के.आर. पेरियाकरुप्पन तमिलनाडु के सहकारिता मंत्री रहे हैं.
1 वोट से मिली जीत
सोमवार, 4 मई को मतगणना हुई. इस दौरान शुरू से अंत दोनों के बीच कांटे की टक्कर बनी रही. अंत में टीवीके उम्मीदवार ने 1 वोट से जीत दर्ज कर ली. वोटों की गिनती जब खत्म हुई तो सेतुपति को कुल 83,375 वोट मिले, जबकि पेरियाकरुप्पन को मात्र 83, 374 वोट मिले. डीएमके के मंत्री को एक वोट से हार का सामना करना पड़ा.
बहुमत के लिए चाहिए 118 सीट
टीवीके उम्मीदवार की जीत चर्चा के साथ ही उदाहरण बन गई. तमिलनाडु में कुल 234 विधानसभा सीटें हैं, जिसमें किसी भी पार्टी को सरकार बनाने के लिए कम से कम 118 विधायक चाहिए. टीवीके के पास सबसे अधिक 108 विधायक हैं. ऐसे में किसी दल के गठबंधन से साथ सरकार बनाने की रेस में सबसे आगे हैं. फिलहाल, अब देखना यह होगा कि टीवीके किसके साथ मिलकर सरकार बनाएगी.
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