कांग्रेस शासनकाल में घोटाले दर घोटाले की सूची बहुत लंबी है।सभी घोटालों की राशि जोड़ा जाए तो छत्तीसगढ़ में एक आईपीएल सीजन खेला जा सकता है। दस हजार करोड़ रुपए का संभावित घोटाले का पर्दाफाश जांच एजेंसी कर चुकी है।सारे घोटाले में अलग अलग नाम है लेकिन चार नाम कामन हैं। पहला जिसके संरक्षण में सारे घोटाले हुए, नाम ही काफी है। दूसरे दो जिन्होंने सारे घोटाले का ब्लू प्रिंट तैयार किया अनिल टुटेजा और सौम्या चौरसिया। चौथे है राम गोपाल अग्रवाल, वर्तमान कोषाध्यक्ष, कांग्रेस पार्टी। जिन्हें हर घोटाले में संगठन को, संगठन के लिए ,संगठन के द्वारा राशि मिलती रही। जनाब कहने को फरार है लेकिन बाजार में उड़ती अफवाह अलग अलग कहानी बताती है।
राम अवतार भी वैसे ही सुरक्षित है जैसे भूपेश बघेल के बेटे बिट्टू सुरक्षित थे, इस आधार पर कि दिल्ली में थैली चली है, भूपेश ने हारने वाले प्रत्याशियों को टिकट देकर हार स्वीकार की है, आदि आदि। राम गोपाल अग्रवाल के लिए भी ऐसे ही कुछ अफवाह है। दिल्ली में थैली पहुंच गई है। दुबई भाग गए है।पूर्व विधान सभा अध्यक्ष के समधी है, समधी सत्तारूढ़ पार्टी के सदस्य है आदि आदि।जांच एजेंसी ऐसी बातों को तब गलत साबित कर देती है जब कही से उठाकर कोर्ट में पेश कर देती है, राम गोपाल अग्रवाल, धमतरी के चांवल व्यापारी रहे है। धान से चांवल बनाना उनके रग रग में दौड़ता है। अजीत जोगी के जमाने में कस्टम मिलिंग के नाम पर धान की राशि बटोरा करते थे।
एम जी रोड के एक होटल, शंकर नगर और समता कालोनी में अड्डा हुआ करता था। पंद्रह साल चुप बैठे थे। कांग्रेस के संगठन में भूपेश बघेल ने सुभाष शर्मा को हटा कर राम गोपाल अग्रवाल को दोहरा कोषाध्यक्ष बनाया था। पार्टी का और घोटाला एंड घोटाला पार्टी का। घोटाले के पैसे का एक हिस्सा राम गोपाल अग्रवाल को मिलना तय हुआ था ताकि दिल्ली से लेकर रायपुर तक के सारे खर्च गोपनीय रहे और हवाला चलता रहे।
अनिल टुटेजा से जांच एजेंसी ने आर.जी(RG) के लेने देन बारे में पूछा था। वैसे तो RG का राष्ट्रीय स्तर पर सीधा नाम राहुल गांधी का होता है लेकिन छत्तीसगढ़ में भी एक आर जी थे राम गोपाल,। अनिल टुटेजा होशियार आदमी है आर जी का अर्थ भी बताया रायगढ़ से गोपालपुर मार्ग। बहुत अच्छा जवाब था। प्रश्न ये भी उठता है कि कांग्रेस का वर्तमान कोषाध्यक्ष जो सालों से फरार है उसका पद रिक्त क्यों है? क्या प्रदेश अध्यक्ष दीपक बेंज इतने अशक्त है कि एक कोषाध्यक्ष, अपने आदमी को नहीं बना सकते है, जांच एजेंसी क्या सही मौके के इंतजार में है कि एक साथ दो विकेट गिराए।
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