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सोनिया गांधी की किताब नहीं छापेगा पेंगुइन इंडिया? प्रकाश‍ित करने से पहले रख दी ये शर्त

Sonia Gandhi autobiography: कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के संस्मरणों पर लिखी गई किताब ‘Belonging: A Journey of Love’ को छापने से पेंगुइन इंडिया ने इनकार कर द‍िया है. पहले यह किताब 10 नवंबर को प्रकाशित होने वाली थी. इसका पोस्टर भी जारी कर द‍िया गया था. हालांकि प्रकाशक ने किताब छापने से पहले एक शर्त रख दी है.

किताब में सोनिया अपने राजनीति में सफर और 2004 में प्रधानमंत्री पद स्वीकार नहीं करने बताई है. शुरुआती रिपोर्ट की मानें तो पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया पांडुलिपि ने एक खास हिस्से में कुछ संपादकीय बदलाव करने की सलाह दी है. इसके साथ ही कुछ हिस्सा हटाने की बात भी कही है. रिपोर्ट की मानें तो सोनिया गांधी ने इस तरह के क‍िसी भी बदलाव से साफ इनकार कर द‍िया है.

रिपोर्ट की मानें तो जैसे ही यह पता चला कि पेंगुइन की तरफ जैसे ही कहा गया कि वह किताब नहीं छापेंगे. वैसे ही कई दूसरे संस्‍करण इस किताब को छापने के लिए तैयार हो गए हैं. ऐसा कहा जा रहा है कि अब पेंगुइन की जगह हार्पर कॉलिंस भारत में इस किताब का प्रकाशन कर सकता है. फिलहाल अब तक समझौता नहीं हुआ है. लेकिन ऐसा कहा जा रहा है कि जल्द ही यह समझौता हो सकता है.

सोन‍िया की किताब में क्‍या-क्‍या है?
किताब में सोनिया ने इटली में बिताए बचपन से लेकर कैंब्रिज में राजीव गांधी से मुलाकात के बारे में व‍िस्‍तार से बताया गया है. किताब नेहरू-गांधी परिवार में शादी और परिवार में हुई हत्याओं के बाद बदली जिंदगी के बारे में लिखा है. इसमें उन्‍होंने यह भी बताया कि पहले और आज की ज‍िंदगी में किस तरह का बदलाव आया है.

सोनिया ने ठुकरा द‍िया था पीएम पद
सोनिया ने इस किताब को लेकर कहा था कि उनके परिवार के बारे में बहुत कुछ लिखा गया है, लेकिन उनके इरादों, काम और मानवीय पहलुओं को उस तरह नहीं समझा गया. 1991 में राजीव गांधी की हत्या के बाद भी सोनिया राजनीति से दूर ही हैं. उन्‍होंने साल 2004 में PM की कुर्सी ठुकरा दी थी. इस किताब में उन्‍होंने इस तरह के फैसले के पीछे की वजह को भी बताया है.

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