सत्ता मे पाँच बार वापसी करने की तैयारी मे जुटी भारतीय जनता पार्टी मे इन दिनों भारी रस्सीकशी का दौर चल रहा है! कार्यकर्ताओं मे सर्वाधिक नाराजगी नौकरशाह सुबोध सिंह है, जो सामंती तरीके से पिछले तीन सालो से जनभावनाओ के विपरीत फैसले करते आ रहे है! इनकी कार्यशैली के कारण प्रदेशवासी के साथ भाजपा कार्यकर्ताओं मे एक अजीब की अकुलाहट है, जिसके कारण प्रदेश में भाजपा विरोधी वातावरण बनता जा रहा है!चौक चौरहो मे सत्ता मे बैठे नौकशाह सुबोध सिंह कार्यशौली की जमकर चर्चा की जा रही है और पार्टी का एक बड़ा घड़ा यह मानकर चल रहा है कि भाजपा मिशन. 28 मे किसी भी स्थिति में कामयाब नही हो सकती है!
बीते तीन सालो मे प्रदेश भाजपा की हर छोटी, बड़ी बैठको मे जिलो से आए पार्टी के अधिकतर नेता कुछ अफसरों और सुबोध सिंह का नाम लेकर शिकायत करते रहे है कि प्रदेश में यह धारणा है कि राज्य की सरकार का संचालन भाजपा के निर्वाचित जन प्रतिनिधि नही बल्कि एक अफसर करते है! महत्वपूर्ण बात यह है कि पार्टी नेताओं की यह शिकायत उन बड़े नेताओं के सामने रहती है, जिन्होंने इन अफसरों को संरक्षण दे रखा है और जिनके रहमो करम पर ये अधिकारी प्रदेश में प्रशासनिक आतंक फैला रहे है! अफसरो की शिकायत करने वाले पार्टी के नेता और कार्यकर्ता ही नहीं बल्कि कुछ मंत्री भी शामिल है, जिन्हे जब चाहे ये एक अफसर अपने केबिन मे बुला लेते है! इन एक अफसर पर पार्टी के बड़े नेताओं का पूरा वरदहस्त है, लिहाजा ऐसा करते समय वे प्रोटोकॉल का पालन भी नही करते है!
भारतीय प्रशासनिक सेवा के इस अधिकारी सुबोध कुमार सिंह डॉ रमन सिंह के कार्यकाल मे रहे भरपूर फायदा छत्तीसगढ़ मे मिला मूलत, उत्तरप्रदेश के रहने वाले सुबोध बारे मे यह कहा जाता है कि वे केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह के करीबी रिश्तेदार है! हालांकि इस बात की पुष्टि अथवा खण्डन आज तक नही हो पाया है!मुख्यमंत्री के औद् योगिक फैसलो पर सुबोध सिंह की राय को महत्व दिया जाता है! सुबोध सिंह सरकार की नीतियों व योजनाओं की समीक्षा करके उसके नफे नुकसान से मुख्यमंत्री को अवगत कराते है! उनका मुख्यमंत्री के जनसंपर्क से कोई लेना देना नही रहताहै! वे पर्दे के पीछे रहकर बेहद खामोशी से अपना काम करते है!
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