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दिल्ली में रॉन्ग साइड गाड़ी चलाने पर पहली FIR दर्ज, आज ही जान लें ड्राइविंग के नियम

दिल्ली में रॉन्ग साइड ड्राइविंग के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए पहली बार आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। यह मामला 3 जनवरी को दिल्ली कैंट थाना क्षेत्र का है, जहां एक चार पहिया वाहन चालक को गलत दिशा में तेज रफ्तार से वाहन चलाते हुए पकड़ा गया। पुलिस ने इस गंभीर ट्रैफिक उल्लंघन को लेकर एफआईआर दर्ज की है। इसके साथ ही दिल्ली देश का पहला राज्य बन गया है, जहां रॉन्ग साइड ड्राइविंग पर आपराधिक केस दर्ज किया गया है।

यह घटना 3 जनवरी की शाम करीब 4:45 बजे दिल्ली कैंट थाना क्षेत्र के अंतर्गत हनुमान मंदिर रेड लाइट के पास हुई। पुलिस के मुताबिक, एक चार पहिया वाहन चालक गलत दिशा में तेज रफ्तार से गाड़ी चला रहा था, जिससे सामने से आ रहे वाहनों को गंभीर खतरा पैदा हो गया। मौके पर मौजूद ट्रैफिक पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए स्थिति को संभाला और वाहन को तुरंत रोका। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि चालक की लापरवाही से किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता था। इसी को देखते हुए पुलिस ने मामले को गंभीर मानते हुए एफआईआर दर्ज की। इसके साथ ही दिल्ली देश का पहला राज्य बन गया है, जहां रॉन्ग साइड ड्राइविंग जैसे ट्रैफिक उल्लंघन पर आपराधिक केस दर्ज किया गया है।

आरोपी की पहचान और पुलिस कार्रवाई
मौके पर तैनात ट्रैफिक पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए वाहन को रोका। आरोपी की पहचान अमन के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर का रहने वाला है और वर्तमान में दिल्ली के कुसुमपुर पहाड़ी इलाके में रह रहा है। इस मामले में ASI सुनील कुमार ने शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर दिल्ली कैंट थाने में एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281 के तहत मामला दर्ज किया है। यह धारा सार्वजनिक मार्ग पर खतरनाक और लापरवाही से वाहन चलाने से संबंधित है।

क्यों अहम है यह FIR?
दिल्ली में दर्ज इस FIR को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि अब तक रॉन्ग साइड ड्राइविंग जैसे मामलों में पुलिस की कार्रवाई चालान या जुर्माने तक ही सीमित रहती थी। यह पहला मौका है जब इस तरह की खतरनाक लापरवाही को आपराधिक श्रेणी में रखते हुए एफआईआर दर्ज की गई है।

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस कदम से सड़क सुरक्षा को लेकर एक सख्त और स्पष्ट संदेश जाएगा। गलत दिशा में वाहन चलाने वालों में कानून का डर पैदा होगा और ऐसे मामलों में कमी आएगी। प्रशासन का उद्देश्य साफ है कि रॉन्ग साइड ड्राइविंग जैसी जानलेवा लापरवाही पर अब कोई नरमी नहीं बरती जाएगी और जरूरत पड़ने पर आगे भी इसी तरह की कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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