दिल्ली में बकरा बेचते रहे पुलिसवाले, फिर ऐसे पकड़ा करोड़ों की चोरी का मास्टरमाइंड

छत्तीसगढ़ की दुर्ग पुलिस ने इंटरस्टेट चोर गैंग के मास्टरमाइंड को पकड़ने के लिए अनोखा ऑपरेशन चलाया। पुलिस टीम कभी बकरा बेचने वाले के भेष में दिल्ली की गलियों में घूमती रही, तो कभी जनगणना अधिकारी बनकर घर-घर जानकारी जुटाती रही। आखिरकार करीब 300 किलोमीटर पीछा करने के बाद पुलिस ने आरोपी को उत्तरप्रदेश के ईटावा से गिरफ्तार कर लिया।

आरोपी नासिर उर्फ आनस खान पर चार राज्यों में करोड़ों रुपए की चोरी करने का आरोप है। पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर दुर्ग लेकर आई है, जहां उससे पूछताछ जारी है।

लगातार चोरी के बाद शुरू हुई तलाश
दुर्ग जिले के नेहरू नगर, सुपेला, पद्मनाभपुर और दुर्ग शहर में लगातार चोरी की घटनाएं सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। शुरुआती कार्रवाई में मेरठ निवासी हाशिम खान और चोरी का सोना खरीदने वाले कारोबारी सलीम खान को गिरफ्तार किया गया। दोनों के पास से करीब 60 लाख रुपए का सोना बरामद हुआ।

पूछताछ में मास्टरमाइंड नासिर हुसैन का नाम सामने आया। इसके बाद पुलिस टीम दिल्ली के शाहीन बाग, मदनपुर खादर और नोएडा इलाके में पहुंची, लेकिन आरोपी लगातार ठिकाने बदलता रहा। इलाके की संकरी गलियों और भीड़भाड़ के कारण पुलिस को सीधी कार्रवाई में दिक्कतें आ रही थीं।

बकरा बेचकर और जनगणना अधिकारी बनकर जुटाई जानकारी
आरोपी तक पहुंचने के लिए पुलिसकर्मियों ने स्थानीय लोगों के बीच घुलने-मिलने की रणनीति अपनाई। कुछ जवान बकरा बेचने वालों के साथ इलाके में घूमते रहे। इस दौरान पुलिस टीम ने करीब 12 बकरे भी बेचे। कई दिनों तक रेकी के बावजूद आरोपी का ठिकाना स्पष्ट नहीं हो सका।

इसके बाद पुलिस ने नई योजना बनाई। टीम जनगणना अधिकारी बनकर घर-घर पहुंची और लोगों से बातचीत कर आरोपी के आने-जाने और ठहरने की जानकारी जुटाई। करीब एक सप्ताह तक यह ऑपरेशन बेहद गोपनीय तरीके से चलाया गया।

इसी दौरान सूचना मिली कि आरोपी चोरी के गहने बेचकर खरीदी गई कार से बिहार के दरभंगा भागने की तैयारी में है। जानकारी मिलते ही पुलिस टीम सक्रिय हो गई और यमुना एक्सप्रेस-वे पर पीछा शुरू कर दिया।

300 किलोमीटर पीछा कर ईटावा में दबोचा
क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के मुताबिक आरोपी 150 से 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से कार चला रहा था, लेकिन पुलिस टीम लगातार उसका पीछा करती रही। करीब 300 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद ईटावा के पास घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस ने आरोपी के पास से करीब 20 लाख रुपए की संपत्ति जब्त की है। इसमें डायमंड ब्रेसलेट, सोने-चांदी के गहने, चांदी के सिक्के, नगदी और किया सेल्टोस कार शामिल है। आरोपी मूल रूप से बिहार के दरभंगा का रहने वाला है और दिल्ली के शाहीन बाग व मदनपुर खादर इलाके में भी रह चुका है।

पुलिस के अनुसार आरोपी दूसरे लोगों के आईडी कार्ड का इस्तेमाल कर होटलों में ठहरता था, जिससे उसे पकड़ने में काफी मुश्किलें आ रही थीं। फिलहाल उससे कई अन्य चोरी की वारदातों को लेकर पूछताछ की जा रही है।

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