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‘कुंभ मेले की भगदड़ के बाद किसी ने इस्तीफा दिया?’, बेंगलुरु भगदड़ से CM सिद्धारमैया ने झाड़ा पल्ला, कहा- मुझे दो घंटे देरी से मौत का पता लगा

बेंगलुरु भगदड़ से CM सिद्धारमैया ने पल्ला झाड़ लिया है। कर्नाटक सीएम ने मामले में अजीब दलील देते हुए कहा कि कुंभ मेले की भगदड़ के बाद किसी ने इस्तीफा दिया था क्या? मुझ पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। विपक्ष के आरोपों पर उन्होंने पलटवार करते हुए कहा, ‘मेरी क्या गलती है? बीजेपी इसे राजनीतिक रंग दे रही है।

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर हुई भगदड़ को लेकर रविवार को कहा कि यह एक ‘दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण घटना’ थी, जिसे होना ही नहीं चाहिए था। इस कार्यक्रम से उनका कोई संबंध नहीं था। यह क्रिकेट स्टेडियम में हुई और मेरा उससे कोई लेना-देना नहीं है। मुझे तो खुद दो घंटे देरी से मौत का पता लगा था।

बता दें कि यह भगदड़ 3 जून की शाम बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर हुई थी, जहां रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) की आईपीएल जीत के जश्न में बड़ी संख्या में लोग जुटे थे। इसी दौरान अव्यवस्था के कारण 11 लोगों की जान चली गई थी। इस घटना को लेकर विपक्ष ने मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

सिद्धारमैया ने कहा, ‘यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। जब से मैंने मुख्यमंत्री पद संभाला है, ऐसी घटना पहले कभी नहीं हुई। शुरूआती तौर पर लगता है कि यह अधिकारियों की गलती से हुई, इसलिए हमने कार्रवाई की है. इस हादसे से सभी को दुख पहुंचा है, मुझे भी।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा, ‘जब सरकार ने कोई गलती नहीं की तो हमें शर्मिंदा क्यों होना चाहिए? अगर यही पैमाना है तो क्या कुंभ मेले की भगदड़ के बाद किसी ने इस्तीफा दिया था? एक नया फ्लाईओवर उद्घाटन से पहले ही गिर गया और सैकड़ों लोगों की मौत हुई, क्या प्रधानमंत्री ने इस्तीफा दिया? किसी ने सवाल उठाया? कुंभ मेले में 50-60 लोग मरे, क्या मंत्री से इस्तीफा मांगा गया? बीजेपी या कुमारस्वामी ने क्या तब मांग उठाई थी?’

उन्होंने बताया कि उन्हें स्टेडियम के कार्यक्रम में बुलाया ही नहीं गया था। मुख्य सचिव ने विधानसौधा के कार्यक्रम की जानकारी दी थी, मैं केवल उसमें गया। विधानसभा के पास किसी तरह की अव्यवस्था नहीं हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें घटना की जानकारी शाम 5:45 बजे मिली, जबकि अस्पताल में रिपोर्ट करीब 3:50 बजे आई थी। उन्होंने कहा, ‘मुझे तब तक यह नहीं बताया गया था कि भगदड़ में लोगों की मौत हो चुकी है। जैसे-जैसे जानकारी आई, हमने उसी के अनुसार कदम उठाए। यह त्रासदी नहीं होनी चाहिए थी, लेकिन यह क्रिकेट स्टेडियम के पास हुई, जिसका मुझसे कोई लेना-देना नहीं है।

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