नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी(AAP) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा (Raghav Chadda) को हाल ही में उच्च सदन में उपनेता पद से हटाए जाने के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। पार्टी की इस कार्रवाई के बाद उन पर कई तरह के आरोप लगाए गए, जिनमें पार्टी लाइन से हटकर काम करने और अहम मुद्दों पर अपेक्षित विरोध न करने जैसी बातें शामिल हैं। पार्टी के कुछ नेताओं का आरोप था कि राघव चड्ढा महत्वपूर्ण विषयों पर सरकार का विरोध करने में सक्रिय नहीं दिखे और यहां तक कि विपक्षी दलों के वॉकआउट के दौरान भी सदन से बाहर नहीं गए।
इन आरोपों के बीच शनिवार दोपहर राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अपने ऊपर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए साफ किया कि वे हमेशा जनता के मुद्दों को प्राथमिकता देते रहे हैं और संसद में उन्हीं विषयों को उठाते हैं, जो आम लोगों से जुड़े होते हैं।
उन्होंने कहा, “मैं संसद में शोर मचाने या गाली देने नहीं गया हूं। मैंने आम जनता से जुड़े मुद्दे उठाए। एयरपोर्ट पर महंगे खाने का मुद्दा, डिलीवरी राइडर्स की समस्याएं, खाने में मिलावट, मिडिल क्लास पर टैक्स का बोझ, कंटेंट क्रिएटर्स की स्ट्राइक और टेलीकॉम कंपनियों द्वारा बार-बार रिचार्ज कराने जैसे मामलों को मैंने उठाया।”
चड्ढा ने कहा, “मैं संसद में शोर मचाने या गाली देने नहीं गया हूं। मैंने आम जनता से जुड़े मुद्दे उठाए। मैं चुनौती देता हूं, आप एक मौका बता दीजिए कि कब मैंने विपक्षी सदस्यों के साथ वॉकआउट नहीं किया। संसद में कैमरे लगे हैं, आप कैमरा निकालकर दिखा दीजिए।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके मुद्दों का उद्देश्य सिर्फ जनता की समस्याओं को सामने लाना था, न कि राजनीतिक नाटक करना। उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों में शामिल हैं: एयरपोर्ट पर महंगे खाने का मामला , डिलीवरी राइडर्स की समस्याएं , खाने में मिलावट , मिडिल क्लास पर टैक्स का बोझ , कंटेंट क्रिएटर्स पर स्ट्राइक , टेलीकॉम कंपनियों द्वारा बार-बार रिचार्ज
राघव चड्ढा ने पार्टी द्वारा उन पर लगाए गए आरोपों को स्पष्ट रूप से खारिज किया। आरोप था कि उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किया। चड्ढा ने कहा, “मैं साइन तो तब करता जब मुझे इस बारे में आधिकारिक या अनौपचारिक रूप से बताया जाता। मुझे इस बारे में किसी ने कुछ भी नहीं बताया। वैसे भी राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के 10 सांसद हैं, जिनमें से 6 या 7 सांसदों ने साइन नहीं किया, लेकिन सवाल केवल मुझ पर उठाया गया।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह मुद्दा निजी राजनीतिक अटकलों पर आधारित है, जबकि उनका मुख्य फोकस सदन में आम जनता के मुद्दों को उठाना रहा।
राघव चड्ढा ने अपने वीडियो में विस्तार से बताया कि उनके खिलाफ एक संगठित और स्क्रिप्टेड अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा “कल से मेरे खिलाफ एक स्क्रिप्टेड कैंपेन चलाया जा रहा है, सेम भाषा, सेम बातें, सेम आरोप। ये कोई इत्तेफाक नहीं है, बल्कि एक सामूहिक हमला है।”
उन्होंने बताया कि शुरू में उन्होंने इसका जवाब नहीं देने का सोचा, लेकिन फिर यह महसूस किया कि “एक झूठ को सौ बार बोला जाए तो कुछ लोग मान ना जाएं। इसलिए जवाब देना जरूरी है।” उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने उन पर तीन आरोप लगाते हुए यह कहा कि इन्हीं आरोपों की वजह से उन्हें संसद में बोलने से रोका गया।
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