प्रयागराज के सिविल लाइंस स्थित केनरा बैंक की एमजी मार्ग शाखा में गोल्ड लोन के नाम पर बड़ी धोखाधड़ी सामने आई है। आरोप है कि बैंक के अधिकृत गोल्ड अप्रेजरों की मिलीभगत से नकली सोना गिरवी रखकर लाखों रुपये का लोन पास करा लिया गया। मामले में बैंक के रीजनल मैनेजर ने सिविल लाइंस थाने में 18 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
केनरा बैंक के क्षेत्रीय प्रमुख एवं सहायक महाप्रबंधक पंकज वर्मा ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि बैंक में गोल्ड लोन देने से पहले अधिकृत गोल्ड अप्रेजर से सोने की शुद्धता और मूल्यांकन कराया जाता है। इसी प्रक्रिया के तहत वर्ष 2023 में कई ग्राहकों को लाखों रुपये का गोल्ड लोन स्वीकृत किया गया था।
दोबारा जांच में निकला नकली सोना
बैंक नियमों के अनुसार गिरवी रखे गए सोने की समय-समय पर पुनः जांच कराई जाती है। 3 जुलाई और 15 जुलाई 2025 को हुई जांच में पता चला कि जिन आभूषणों के आधार पर लोन दिया गया था, वह सोना नकली था। इसके बाद बैंक में हड़कंप मच गया।
मामले में गोल्ड अप्रेजर विष्णु वर्मा और कौशल किशोर वर्मा समेत लोन लेने वाले पलटू, महेश प्रताप सिंह, श्रीश कुमार श्रीवास्तव, अजय कुमार, मोहम्मद अरमान, विकास कुमार, रवि कुमार, मनोज कुमार, रंजना यादव, फैज खान, कुलदीप दुबे, आलोक केसरवानी, कार्तिकेय कौशिक और मृत्युंजय सिंह सहित कुल 18 लोगों के नाम सामने आए हैं।
लाखों से करोड़ों तक पहुंची देनदारी
बैंक अधिकारियों के मुताबिक अलग-अलग खातों के जरिए 2 लाख से 5 लाख रुपये तक के कई लोन दिए गए थे। ब्याज सहित इनकी कुल देनदारी अब करोड़ों रुपये तक पहुंच गई है। बैंक ने इसे धोखाधड़ी और अमानत में खयानत का गंभीर मामला बताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है।
सिविल लाइंस थाना प्रभारी रामाश्रय यादव ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पूरे प्रकरण की गहन जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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