Mohan Bhagwat: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने शताब्दी वर्ष के मौके पर देशभर के अलग-अलग शहरों में कार्यक्रम आयोजित कर रहा है. इसी कड़ी शनिवार को नागपुर में भी कार्यक्रम आयोजित किया गया है. यहां आयोजित भारतदुर्गा शक्तिस्थल और धर्म सभा के शिलान्यास समारोह में मोहन भागवत ने कि भारत निश्चित रूप से विश्वगुरु बनेगा और इस पर किसी को संदेह नहीं होना चाहिए.
RSS सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा, “अंग्रेज़ों के 150 साल लंबे औपनिवेशिक शासन के बाद, हमारे मन और मस्तिष्क पर एक पश्चिमी परत चढ़ गई है. हमें इसे हटाकर (भारत को) जानना होगा. हमारी रोजमर्रा की गतिविधियों से लेकर राष्ट्रीय मामलों पर विचार-विमर्श तक, हम सभी को ‘भारत’ बनना होगा. यह आसान नहीं है, लेकिन चलिए छोटी-छोटी चीजों से शुरुआत करते हैं.
उन्होंने कहा कि अगर किसी को ‘भारत’ बनना है, तो चलिए छोटी-छोटी चीज़ों से शुरुआत करते हैं. चींटियां छोटी होती हैं और छोटे-छोटे कदम उठाती हैं, लेकिन उन छोटे-छोटे कदमों से ही वे लंबी दूरी तय कर लेती हैं. गरुड़ (पक्षी) पूरे आसमान में उड़ सकता है; वह भगवान विष्णु का भार उठा सकता है और उन्हें कहीं भी ले जा सकता है. लेकिन, अगर वह उड़ान ही न भरे, तो वह कहीं पहुंच ही नहीं सकता है”
भारत शक्तिशाली बनेगा- मोहन भागवत
सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा, “भारतदुर्गा मंदिर की पूजा भारत भर के हर घर में, हर व्यक्ति द्वारा रोजाना की जाएगी. इसके साथ ही, संतों द्वारा आज की गई ये घोषणाएं कि भारत निश्चित रूप से ‘विश्व गुरु’ बनेगा, कि भारत ने जो कुछ भी खोया है, वह सब वापस मिलेगा, कि भारत शक्तिशाली बनेगा. हमें यह सब इसी जीवनकाल में देखने का अवसर मिलेगा. अगर हम अपने संकल्प को, उस संकल्प के अनुरूप कार्यों से बल देते हैं, तो उससे एक ऐसी शक्ति का उदय होता है, जो इतनी सक्षम होती है कि वह जो करना चाहती है, उसे एक ही मिनट में कर डालती है.”
हमारी स्थिति अभी पूरी तरह से मजबूत नहीं
मोहन भागवत ने कहा, “अगर आप अभी देखें, तो आप यह अंदाज़ा नहीं लगा पाएंगे कि भारत ‘विश्व गुरु’ बनने जा रहा है या नहीं. दुनिया की व्यवस्था ही कुछ ऐसी है; हमारी स्थिति अभी पूरी तरह से मजबूत नहीं हुई है और यह अभी प्रक्रिया में है. यह होगा या नहीं, यह हमारे मन का भाव है. हमें इस संदेह से खुद को मुक्त करना होगा.
आगे कहा कि राम मंदिर को लेकर भी ऐसे ही संदेह थे. लेकिन अंततः, सर्वोच्च न्यायालय का आदेश आया. जो होना है, वह निश्चित रूप से होगा. आज दुनिया की जो स्थिति है, उसे देखते हुए, अगर दुनियाभर के दिखाए रास्ते पर नहीं चलती, तो क्या कोई भविष्य बचेगा? जो चीज़ें अनिवार्य हैं, उनके बारे में मन में कोई संदेह न रखें.
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