नशीली सिरप का बड़ा नेटवर्क बेनकाब, मेडिकल स्टोर संचालक निकला मास्टरमाइंड

दुर्ग जिले में पुलिस ने नशीली दवाओं के अवैध कारोबार का खुलासा करते हुए एक संगठित रैकेट का भंडाफोड़ किया है। मेडिकल स्टोर की आड़ में प्रतिबंधित कोडीन युक्त सिरप की कई खेप खपाई जा चुकी थी। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी फरार बताया जा रहा है।

ऑनलाइन मंगाकर करता था अवैध सप्लाई
जांच में सामने आया कि आरोपी योगेश शर्मा लंबे समय तक मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के रूप में काम कर चुका था। बाद में उसने मेडिकल स्टोर खोलकर अवैध कारोबार शुरू किया। वह गुजरात से ऑनलाइन तरीके से प्रतिबंधित सिरप मंगवाता था और स्थानीय स्तर पर नेटवर्क के जरिए उसकी सप्लाई करता था। फरार आरोपी की तलाश में पुलिस टीम जुटी हुई है।

फर्जी लाइसेंस और दस्तावेजों का इस्तेमाल
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ने फर्जी ड्रग लाइसेंस तैयार कर कंपनियों से सिरप मंगवाया। असली लाइसेंस में एडिटिंग कर नकली दस्तावेज बनाए गए थे। फर्जी लेटरपैड और सील के जरिए ई-कुरियर से दवाएं मंगाई जाती थीं और फिर इन्हें अवैध रूप से बेचा जाता था।

सस्ती खरीद, महंगे दाम पर बिक्री
आरोपी सिरप को कम कीमत पर खरीदकर 150 से 200 रुपए प्रति बोतल तक बेचते थे। अब तक करीब 7 खेप खपाई जा चुकी थीं। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 800 नग नशीली सिरप, एक कार, मोबाइल और नकदी समेत करीब 5 लाख रुपए का सामान जब्त किया है। मामले में अन्य जुड़े लोगों की भी तलाश जारी है।

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