उत्तर प्रदेश में वक्फ संपत्तियों के डिजिटाइजेशन अभियान के तहत बड़ा कदम उठाया गया है। ‘उम्मीद’ पोर्टल पर अब तक 31 हजार से ज्यादा वक्फ संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया गया है। जांच में दस्तावेजों में कई तरह की गड़बड़ियां और तकनीकी खामियां सामने आई हैं।
जानकारी के मुताबिक, पोर्टल पर कुल 1,18,302 वक्फ संपत्तियां दर्ज की गई थीं। इनमें से 53,711 संपत्तियों को मंजूरी मिल चुकी है, जबकि 20,546 संपत्तियों की जांच अभी जारी है। वहीं 31 हजार से ज्यादा संपत्तियों के दावे खारिज कर दिए गए हैं।
रजिस्ट्रेशन रद्द होने की मुख्य वजहों में खसरा नंबर और राजस्व रिकॉर्ड में अंतर, जमीन के क्षेत्रफल में गड़बड़ी, एक ही संपत्ति का अलग-अलग वक्फ बोर्ड में दर्ज होना और दस्तावेजों की तकनीकी त्रुटियां शामिल हैं।
सबसे ज्यादा रजिस्ट्रेशन जौनपुर जिले में रद्द किए गए हैं। इसके बाद बाराबंकी, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, बस्ती, उन्नाव, सीतापुर और लखनऊ जैसे जिलों का नंबर आता है।
वक्फ संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन के लिए केंद्र सरकार ने जून 2025 में ‘उम्मीद’ पोर्टल शुरू किया था। इसका मकसद वक्फ संपत्तियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना और प्रबंधन में पारदर्शिता लाना है। वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 के तहत पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया गया है।
वक्फ ट्रिब्यूनल द्वारा दी गई अतिरिक्त समय सीमा 5 जून 2026 को खत्म हो रही है। अधिकारियों का कहना है कि मुतवल्ली अभी भी सही दस्तावेजों के साथ दोबारा आवेदन कर सकते हैं, अन्यथा संबंधित संपत्तियां पोर्टल से बाहर हो जाएंगी।
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