उज्जैन। मध्य प्रदेश उज्जैन की दीक्षा कुशवाह ने 8 एम एम की छोटी सी चने की दाल पर 12 ज्योतिर्लिंग बनाकर के नया कीर्तिमान रचा है। यह अद्भुत कलाकृति उन्होंने 13 अप्रैल 2026 को तैयार की। शिप्रा फाइन आर्ट कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अभिषेक तोमर के सानिध्य में दीक्षा ने यह रिकॉर्ड हासिल किया है। दीक्षा ने 12 ज्योतिर्लिंग बनाने की प्रेरणा केदारनाथ, बद्रीनाथ और बाबा महाकाल के दर्शन यात्रा करने के बाद ली थी।
माइक्रो आर्ट से स्थापित किया अनूठा कीर्तिमान
उज्जैन की प्रतिभाशाली युवा कलाकार दीक्षा कुशवाह ने अपनी अद्भुत सूक्ष्म कला (माइक्रो आर्ट) से एक अनूठा कीर्तिमान स्थापित किया है। उन्होंने मात्र 8 मिलीमीटर आकार की चने की एक दाल पर भगवान शिव के सभी 12 ज्योतिर्लिंगों की आकृतियां उकेरकर अपनी असाधारण कला और एकाग्रता का परिचय दिया है।
दर्शन यात्रा के बाद ली थी प्रेरणा
यह अद्भुत कलाकृति उन्होंने 13 अप्रैल 2026 को तैयार की। शिप्रा फाइन आर्ट कॉलेज के प्राचार्य डॉ अभिषेक तोमर के सानिध्य में यह रिकॉर्ड हासिल किया है। 12 ज्योतिर्लिंग बनाने की प्रेरणा केदारनाथ, बद्रीनाथ और बाबा महाकाल के दर्शन यात्रा करने के बाद ली थी। वहीं डिग्री कोर्स के दौरान कॉलेज के कई बच्चों के द्वारा वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया गया था लेकिन सबसे छोटे ज्योतिर्लिंग बनाने की इच्छा से यह संभव हो पाया है।
सिर्फ 22 मिनट में बनाई विशेष रचना
दीक्षा ने बताया कि इस विशेष रचना को बनाने में उन्हें केवल 22 मिनट का समय लगा। इतने छोटे आकार की सतह पर 12 ज्योतिर्लिंगों को सटीकता और बारीकी के साथ उकेरना अत्यंत चुनौतीपूर्ण काम था। इसके लिए विशेष उपकरणों के साथ-साथ धैर्य, स्थिर हाथ और गहन एकाग्रता की आवश्यकता होती है। उनकी इस उपलब्धि ने कला प्रेमियों और स्थानीय लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया है।
भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग हिंदू धर्म में विशेष धार्मिक महत्व
भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग हिंदू धर्म में विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व रखते हैं। इन्हें देश के विभिन्न हिस्सों में स्थित शिव के प्रमुख तीर्थस्थलों के रूप में पूजा जाता है। दीक्षा ने इन्हीं ज्योतिर्लिंगों को अपनी सूक्ष्म कला के माध्यम से एक ही चने की दाल पर साकार कर एक अनोखा उदाहरण प्रस्तुत किया है।
रचनात्मक कलाकृतियों के लिए पहचान बना चुकी दीक्षा कुशवाह
दीक्षा कुशवाह पहले भी अपनी रचनात्मक कलाकृतियों के लिए पहचान बना चुकी हैं, लेकिन यह उपलब्धि उनके कला जीवन की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। उनकी इस रचना ने यह सिद्ध कर दिया है कि प्रतिभा और समर्पण के बल पर असंभव प्रतीत होने वाले कार्य भी संभव बनाए जा सकते हैं।
प्रदेश के लिए गर्व का विषय
उज्जैन की इस युवा कलाकार की उपलब्धि न केवल शहर बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उनकी यह सूक्ष्म कलाकृति कला जगत में प्रेरणा का स्रोत बन रही है और युवाओं को अपनी प्रतिभा को नए आयाम देने के लिए प्रोत्साहित कर रही है।
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