इंदौर। स्कूल बसों में सफर करने वाले हजारों बच्चों की सुरक्षा को लेकर इंदौर प्रशासन ने बड़ा अभियान चलाया। 8 जुलाई से 17 जुलाई तक चले विशेष अभियान में यातायात पुलिस और परिवहन विभाग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए शहरभर की 1,126 स्कूल बसों की सघन जांच की। जांच के दौरान 163 स्कूल बसों में सुरक्षा मानकों और आवश्यक दस्तावेजों की कमी पाई गई, जिसके बाद संबंधित संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई।
स्कूल परिसरों से लेकर सड़कों तक चला अभियान
अभियान केवल सड़कों तक सीमित नहीं रहा। संयुक्त टीम ने स्कूल परिसरों में पहुंचकर भी बसों की जांच की। इस दौरान बसों की फिटनेस, परमिट, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र, फायर एक्सटिंग्विशर, फर्स्ट एड बॉक्स, इमरजेंसी एग्जिट, स्पीड गवर्नर, सीसीटीवी, जीपीएस और अन्य सुरक्षा उपकरणों की बारीकी से जांच की गई।
163 बसों में मिली लापरवाही
जांच के दौरान कई स्कूल बसों में सुरक्षा उपकरण अधूरे मिले, तो कुछ बसों के जरूरी दस्तावेज भी पूरे नहीं पाए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश
यातायात पुलिस और परिवहन विभाग का कहना है कि स्कूल बसें सिर्फ परिवहन का साधन नहीं बल्कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी जिम्मेदारी हैं। ऐसे में सभी स्कूल प्रबंधन और वाहन संचालकों को निर्धारित सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन करना होगा।
अभियान आगे भी रहेगा जारी
अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि यह केवल एक विशेष अभियान नहीं है, बल्कि भविष्य में भी स्कूल बसों की नियमित जांच की जाएगी। जिन बसों में खामियां मिली हैं, उन्हें निर्धारित समय सीमा में सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि दोबारा नियमों का उल्लंघन मिला तो और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
प्रशासन का मानना है कि हर अभिभावक अपने बच्चे को सुरक्षित स्कूल भेजना चाहता है। ऐसे में स्कूल बसों का पूरी तरह सुरक्षित और नियमों के अनुरूप होना बेहद जरूरी है। यही वजह है कि अब लापरवाही करने वाले संचालकों पर प्रशासन का शिकंजा लगातार कसता नजर आ रहा है।
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