किसी राजनैतिक दल में जैसा कहा वैसा किया सिद्धांत के सच्चे अनुसरणकर्ताओं के नाम सोचे जाए तो छत्तीसगढ़ के संदर्भ में एक नाम ज़ेहन में आता है डा रमन सिंह का! बात 2002 की है। प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी में तत्कालिन मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने ऐसी सेंध लगाई थी कि केंद्रीय संगठन को सांप सूंघ गया था।12 विधायक कांग्रेस में चले गए।
ऐसे में 2003 में होने वाले विधान सभा चुनाव को ध्यान में रख कर केंद्रीय संगठन ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की संभावना के रूप में अनेक लोगों से विमर्श किया। “शून्य से राजनीति करना” वह भी तब जब आपके हाथ में केंद्रीय मंत्री होने का लड्डू हाथ में हो तब तो कार्य और दुष्कर हो जाता है। डॉ रमन सिंह, इस मामले में अनुशासित कार्यकर्ता के रूप में स्वीकारोक्ति दी। केंद्रीय मंत्री मंडल से इस्तीफा दिया । 5 अगस्त 2002 में प्रदेश अध्यक्ष बने और कूद गये छत्तीसगढ़ के चुनावी समर में…….

2003 के दिसंबर की 7 तारीख छत्तीसगढ़ के इतिहास की वह तारीख है जहां से एक व्यक्ति के व्यक्तित्व में प्रदेश के मुख्य मंत्री होने का गौरव जुड़ा और एक बार नहीं दो बार नहीं बल्कि तीन बार लगातार राज्य के मुख्यमंत्री बने। वे चौथी बार भी मुख्यमंत्री बनते बशर्ते केंद्र में 2014 में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी छत्तीसगढ़ में किसानों को दिए जा रहे बोनस पर दो साल रोक नहीं लगाते! ये क्रिया कलाप प्रदेश में भाजपा और डा रमन सिंह को वादा ख़िलाफ़ती बना दिया ।चौथे चुनाव में डॉ रमन सिंह के किए कराये पर पानी फिरना ही था,सो फिर गया। देश में आजादी से पहले और आजादी के बाद राज्यों में मुख्यमंत्री बनने की परंपरा जारी है।
मद्रास प्रेसीडेंसी (वर्तमान तमिलनाडु ) में 1 अप्रैल 1937 को कुर्मा वेंकट रेड्डी नायडू और बिहार प्रान्त में मोहम्मद यूनुस पहले प्रीमियर याने मुख्यमंत्री बने थे। तब से लेकर अब के इक्यानवे साल में मुख्य मंत्रित्व इतिहास में डा रमन सिंह पांचवें ऐसे। मुख्य मंत्री है जिनका कार्यकाल लगातार पंद्रह साल रहा है।

- 1 पवन कुमार चामलिंग, सिक्किम ( 24 वर्ष 5 माह)
- 2 नवीन पटनायक, ओडिशा ( 24 वर्ष 3 माह)
- 3 ज्योति बसु, पश्चिम बंगाल (23 वर्ष 4 माह)
- 4 माणिक सरकार, त्रिपुरा (20 वर्ष)
- शीला दीक्षित, दिल्ली(15 वर्ष 25 दिन) डॉ रमन सिंह पांचवे क्रम में आते है जिन्होंने 15 साल 10 दिन मुख्य मंत्री का पद छत्तीसगढ़ में सम्हाला।
उनके बाद दो और मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह, मणिपुर (15 वर्ष 8 दिन) और तरुण गोगोई असम (15साल 6 दिन) ऐसे मुख्यमंत्री रहे है जिनका कार्यकाल लगातार पंद्रह साल रहा है। डा रमन सिंह, जमीनी राजनीति याने किसी नगरपालिका के पार्षद से अपनी राजनैतिक यात्रा 1983 से प्रारंभ की थी।अविभाजित मध्य प्रदेश। में कवर्धा विधान सभा सीट से दो बार विधायक बने।1999 में राजनांदगांव लोकसभा चुनाव में मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री मोतीलाल वोरा को हराकर राष्ट्रीय परिदृश्य में उभरे।छत्तीसगढ़ अस्तित्व में आया तो डोंगरगांव, राजनांदगांव से पिछले तेईस साल से विधायक निर्वाचित होते आ रहे है। ये सफलता किसी भी राजनैतिक दल के अनुशासित कार्यकर्ता को प्रोत्साहित करने के लिए पर्याप्त उदाहरण है।

एक बात जिसका उल्लेख करना अनिवार्य बन पड़ता है वह है अब तक बने मुख्यमंत्रियों के शारीरिक बनावट, कद काठी, और व्यक्तित्व का, मैने देश के विभिन्न राज्यों में 1937से लेकर अब तक बने सैकड़ों मुख्य मंत्रियों के फोटो को खंगाला।ये पाया कि सभी मुख्यमंत्रियों में खूबसूरती के नाम पर डा रमन सिंह सबसे अधिक खूबसूरत व्यक्तित्व के मुख्यमंत्री रहे है। 6 फीट से अधिक ऊंचा कद, 100 किलो का वजन(जब वे मुख्य मंत्री थे), गौर वर्ण, आकर्षक होने के साथ रहन सहन में सादगी, मिलनसार, इतना कुछ बहुत होता है।आज डा रमन सिंह का 74 वा जन्मदिन है। नाबाद 74, के साथ सक्रिय जीवन में पारी जारी है. जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं।
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