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स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में अनियमितता, मंत्री ने कहा- विभागीय जांच की जाएगी, चौपाटी हटाने पर निर्णय करेंगे, वहां जो गलत काम हुए उस पर होगी कार्रवाई, मूणत ने उठाया मामला, अफसरों पर करोड़ों की गड़बड़ी का आरोप

रायपुर। विधानसभा में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में अनियमितता की शिकायत की विभागीय जांच होगी। विधानसभा में सोमवार को भाजपा विधायक राजेश मूणत ने अधिकारियों की मिलीभगत से करोड़ों की गड़बड़ी करने का आरोप लगाया, इस पर वित्तमंत्री ओपी चौधरी ने जांच का भरोसा देते हुए साइंस कॉलेज चौपाटी के सवाल पर भी कहा किजहां चौपाटी लगाई गई है, उस जगह का बेहतर उपयोग करते हुए चौपाटी हटाने का भी निर्णय करेंगे। वहां जो गलत काम हुआ है, उसके खिलाफ कार्रवाई करेंगे।

विधानसभा में ध्यानाकर्षण सूचना के माध्यम से यह मामला विधायक राजेश मूणत ने उठाया। उन्होंने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट को लेकर कहा, अधिकारियों ने मिलीभगत कर एक हज़ार करोड़ रुपये का काम अपनों को दे दिया। काम लेकर उसे सबलेट कर दिया गया। केंद्र की स्मार्ट सिटी योजना की कल्पना के अनुरूप काम नहीं किया गया। रायपुर और नया रायपुर में स्मार्ट सिटी मद में आने वाले करोड़ों रुपये की बंदरबांट की गई। जवाब में आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने कहा, रायपुर में दो स्मार्ट सिटी लिमिटेड हैं। नया रायपुर और रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड।

सभी निविदा ऑनलाइन जारी की गई थी। न्यूनतम दर पर निविदा दी गई। कुछ प्रकरणों में सबलेट किया गया। यह सबलेट रायपुर स्मार्ट सिटी की कुछ निविदाओं में हुआ, जो 25 फ़ीसदी के तय मानक के अनुरूप है। सक्षम प्राधिकारी की अनुमति से सबलेट किया गया। अधिकारियों की मिलीभगत से एक हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का काम दिया जाना सही नहीं है। उन्होंने कहा, नया रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड आवास एवं पर्यावरण विभाग के अधीन है, जबकि रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड नगरीय प्रशासन विभाग के अधीन है। उन्होंने कहा, नया रायपुर में करीब 310 करोड़ रुपये के दस काम धीमी गति से चल रहे थे। दो तिहाई पैकेज को निरस्त कर दिया है, जबकि पुराना रायपुर में जो काम धीमी गति से चल रहा है, उसकी जानकारी लेकर उपलब्ध कराएंगे।

नवा रायपुर के 10 काम निरस्त किए गए
नवा रायपुर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में 14 कार्य के टेंडर हुए थे, इनमें से 10 काम धीमी गति से चल रहे थे। 399 करोड़ के इन कार्याें को रिस्क एवं कास्ट पर धारा 14 के आधार पर निरस्त किया गया। 10 कार्याें में 180 करोड़ के कार्य हुए हैं। 55 कार्य में से केवल 7 कार्य पर्ण हुए। 48 कार्य अपूर्ण हैं। भारत सरकार से तकनीकी लेने के बाद दो तहाई पैकेज को निरस्त किया गया है।

बिना एनओसी बना दी चौपाटी
भाजपा विधायक राजेश मूणत ने कहा, 2018 में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत रायपुर शहर में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए स्मार्ट सिटी फंड से 209 करोड़ रुपये, मल्टीलेवल पार्किंग के लिए 28 करोड़ खर्च हुए। बूढ़ातालाब तो प्रयोगशाला बन गया है। मूल स्मार्ट सिटी की कल्पना जीरो कर दी गई। सिर्फ़ पांच बड़े प्रोजेक्ट बने हैं। एक भी स्मार्ट रोड नहीं बनी। मास्टर प्लान में यह जमीन खेल विभाग के पास है। जमीन को बिना लैंड यूज चेंज किए और बिना एनओसी के चौपाटी बना दिया गया। जवाब में ओपी चौधरी ने कहा, यूथ हब में कैसे बिना एनओसी के चौपाटी बना दिया गया, इसकी जानकारी नगरीय प्रशासन से लेकर दे दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पुराने रायपुर में 312 कार्य में से 300 कार्य पूर्ण और 12 कार्य अपूर्ण हैं।


चौपाटी हटाने के संबंध निर्णय लिया जाएगा

मूणत ने कहा, यूथ हब के नाम पर प्रोजेक्ट लाकर चौपाटी बनाया गया। हाईकोर्ट को भी गुमराह किया गया। चुनाव के पहले हड़बड़ी में दुकानों के अलॉटमेंट की प्रक्रिया तेज कर दी गई। स्मार्ट सिटी के नाम पर लूट मचाकर रख दी गई थी। हम भूख हड़ताल पर बैठे थे। जिन व्यक्तियों ने नियम के विपरीत जाकर काम किया है, उनके खिलाफ जांच की मांग उन्होंने की। जवाब में ओपी चौधरी ने कहा, सदस्य की चिंता जायज है, इस मामले की विभागीय जांच की जाएगी। चौपाटी हटाने के संबंध में नगरीय प्रशासन विभाग से चर्चा कर निर्णय लिया जाएगा।

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