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NCR की सड़कों पर वाहन स्पीड लिमिट अब गूगल मैप पर दिखाई देगी, चालक को भी मिलेगा अलर्ट

नोएडा और ग्रेटर नोएडा की 248 सड़कों पर वाहनों की तय स्पीड लिमिट अब गूगल मैप(Google Map) पर नजर आएगी। अधिकारियों का मानना है कि इससे स्पीडिंग नियम तोड़ने वालों में कमी आएगी और सड़क हादसों की संख्या भी घटेगी। इस नई योजना का शुभारंभ बुधवार को सेक्टर-108 स्थित पुलिस कमिश्नरेट ऑफिस में किया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गूगल मैप पर स्पीड लिमिट दिखने से ड्राइवरों को जागरूक किया जाएगा, जिससे सड़क सुरक्षा बढ़ाने में मदद मिलेगी।

यातायात माह के मौके पर नोएडा-ग्रेटर नोएडा की 248 सड़कों पर वाहन स्पीड लिमिट गूगल मैप पर दिखाने की योजना का शुभारंभ किया गया। इस परियोजना का वर्चुअल उद्घाटन लखनऊ से यूपी के डीजीपी राजीव कृष्णा ने किया। डीजीपी राजीव कृष्णा ने बताया कि इस योजना की शुरुआत पुलिस ने गूगल इंडिया और लेपटॉन सॉफ्टवेयर एक्सपोर्ट एंड रिसर्च प्राइवेट लिमिटेड, गुरुग्राम के सहयोग से की है। उन्होंने कहा कि “अब तक गूगल मैप पर केवल लाइव लोकेशन और वाहन की गति दिखाई जाती थी। नई प्रणाली में संबंधित सड़क की स्पीड लिमिट भी साथ में दिखाई जाएगी, और यदि वाहन की गति अधिक होगी तो चालक को चेतावनी के रूप में अलर्ट भी मिलेगा।” अधिकारियों ने कहा कि इस पहल से नियम तोड़ने वालों में कमी आएगी और इस साल सड़क हादसों में 50 प्रतिशत तक कमी लाने का प्रयास किया जाएगा।

डीजीपी राजीव कृष्णा ने बताया कि जिले की सड़कों की स्पीड लिमिट को गूगल इको मैप सिस्टम में अपडेट करने का काम शुरू हो गया है। डीजीपी ने कहा कि जियो और डेटा एनालिसिस टीम ने पूरा डेटा एकत्रित कर लिया है। अधिकारियों ने बताया कि गूगल मैप खोलने के बाद संबंधित स्थान का चयन करने पर सड़क और वाहन की गति सीमा प्रदर्शित होने लगेगी। इस नई प्रणाली से वाहन चालकों को स्पीड लिमिट की जानकारी और अलर्ट प्राप्त होंगे, जिससे नियम तोड़ने वालों में कमी और सड़क हादसों में गिरावट की उम्मीद है।

सड़कों पर गूगल मैप पर वाहन स्पीड लिमिट दिखाने की योजना में अब ऑडियो सिस्टम भी जोड़ा जाएगा। यूपी के डीजीपी राजीव कृष्णा ने कंपनी से कहा कि इस पहल में दो नए सिस्टम शामिल किए जाएं।

पहला सिस्टम: गूगल मैप पर वाहन की गति सीमा लिखी होने के साथ-साथ ऑडियो अलर्ट भी सुनाई देगा, ताकि चालक को केवल देखकर ही नहीं, सुनकर भी चेतावनी मिल सके।

दूसरा सिस्टम: गूगल मैप की लाइव लोकेशन सुविधा के आधार पर यह पता चलेगा कि कौन-कौन से चालक नियम तोड़ रहे हैं, और इसका डेटा सीधे पुलिस को उपलब्ध कराया जाएगा।

रफ्तार अधिक होने से 53% हादसे

पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने कहा कि “सड़क हादसों की 53 प्रतिशत वजह वाहनों की अधिक गति होना सामने आई है। ऐसे में यह नई सुविधा हादसों में कमी लाने और सड़क सुरक्षा बढ़ाने में लोगों के लिए फायदेमंद साबित होगी।” अधिकारियों ने बताया कि इस सुविधा के तहत गूगल मैप पर न केवल सड़क की गति सीमा और ऑडियो चेतावनी मिलेगी, बल्कि ब्लैकस्पॉट की जानकारी भी ड्राइवरों को मिल सकेगी, जिससे जोखिमपूर्ण क्षेत्रों में सावधानी बरतने में मदद मिलेगी।

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