Thalapathy Vijay: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय थलापति ने केंद्र सरकार की नई ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ योजना पर कई सवाल उठाए हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कहा कि मौजूदा नियमों के साथ इस योजना को लागू करना राज्य के लिए मुश्किल होगा. इससे हर साल करीब 5,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ सकता है.
मुख्यमंत्री का कहना है कि नई व्यवस्था में केंद्र और राज्य के बीच खर्च का अनुपात 60:40 रखा गया है, जबकि पहले की व्यवस्था अलग थी. उनका मानना है कि इससे राज्य के खजाने पर दबाव बढ़ेगा और ग्रामीण रोजगार के दिनों के साथ-साथ दूसरी कल्याणकारी योजनाएं भी प्रभावित हो सकती हैं.
यही वजह है कि सीएम विजय ने मांग की है कि मजदूरी और प्रशासनिक खर्च का पूरा भार केंद्र उठाए, जबकि सामग्री (मैटेरियल) पर होने वाला खर्च 75:25 के अनुपात में केंद्र और राज्य मिलकर वहन करेंण्
सीएम थलापति ने क्या-क्या लिखा?
मुख्यमंत्री विजय ने गांवों में धन आवंटन के लिए तय किए गए एक समान राष्ट्रीय फॉर्मूले पर भी आपत्ति जताई है. उनका कहना है कि हर राज्य की जरूरतें और परिस्थितियां अलग होती हैं, इसलिए राज्यों को स्थानीय जरूरतों के हिसाब से धन बांटने की अधिक स्वतंत्रता मिलनी चाहिए.
उन्होंने कृषि के व्यस्त मौसम से जुड़े नियमों में भी लचीलापन देने की मांग की, ताकि मौसम में बदलाव की स्थिति में किसानों और मजदूरों को परेशानी न हो.
सीएम का पीएम को सुझाव
मुख्यमंत्री ने यह भी सुझाव दिया कि राज्य सरकार की आवास योजनाओं को भी इस योजना से जोड़ा जाए और परियोजनाओं की मंजूरी के लिए राज्यों को अधिक अधिकार दिए जाएं. उनका कहना है कि इन बदलावों से योजना को बेहतर तरीके से लागू किया जा सकेगा और ग्रामीण लोगों को अधिक लाभ मिलेगा.
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