Female Naxali Anita Kisku Surrendered: नक्सल विरोधी अभियान के तहत झारखंड पुलिस (Jharkhand Police) को बड़ी कामयाबी मिली है। महिला नक्सली अनिता किस्कू ने सरेंडर कर दिया है। महिला नक्सली अनिता किस्कू उर्फ बबीता ने झारखंड सरकार की “नई दिशा–एक नई पहल” पुनर्वास योजना से प्रभावित होकर हिंसा का रास्ता छोड़ने और सामान्य जीवन जीने का फैसला किया है।
भाकपा (माओवादी) की एरिया कमेटी सदस्य और कई मामलों में वांछित महिला नक्सली अनिता किस्कू उर्फ बबीता ने गिरिडीह पुलिस कार्यालय में पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में आत्मसमर्पण किय। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने उसका स्वागत किया और सरकार की पुनर्वास नीति के बारे में जानकारी भी दी।
पुलिस का कहना है कि संगठन के भीतर होने वाले शोषण, लगातार चल रहे नक्सल विरोधी अभियान और सरकार की पुनर्वास योजना से प्रभावित होकर अनिता ने आत्मसमर्पण करने का फैसला लिया। उसने हिंसा छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने की इच्छा जताई है।अधिकारियों का मानना है कि अनिता के इस फैसले से इलाके में नक्सली गतिविधियों पर और प्रभावी रोक लगाने में मदद मिलेगी, पुलिस ने उम्मीद जताई कि अनिता किस्कू के आत्मसमर्पण से अन्य नक्सली भी प्रेरित होंगे और हथियार छोड़कर शांति का रास्ता अपनाएंगे।
पुलिस के अनुसार, अनिता वर्ष 2009 में नक्सली संगठन से जुड़ी थी. बाद में वह भाकपा (माओवादी) की एरिया कमेटी सदस्य बनी थी। उसके खिलाफ झारखंड के अलग-अलग थानों में कई गंभीर मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या के प्रयास, पुलिस पर हमला, विस्फोटक अधिनियम, यूएपीए और आर्म्स एक्ट जैसे मामलों के अलावा अन्य आपराधिक केस भी शामिल हैं।
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