बिलासपुर जिले के मस्तूरी विकासखंड के ग्राम उड़ांगी में पीएम आवास योजना में बड़ा घोटाला सामने आया है। रोजगार सहायक ने फर्जी मस्टररोल बनाकर मनरेगा की मजदूरी के 31 लाख रुपए हड़प लिए हैं। मामला तब सामने आया जब पीएम आवास के 159 हितग्राहियों ने कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत की।
हितग्राहियों ने बताया कि रोजगार सहायक ने फर्जी मस्टररोल के जरिए पूरी राशि निकाल ली है। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला पंचायत सीईओ को जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं कलेक्टर जनदर्शन में अन्य मामले भी सामने आए।
आमागोहन की धनेश्वरी सूर्यवंशी ने बताया कि उनके पति की जनवरी 2024 में मृत्यु हो गई। पति ने ग्रामीण बैंक खोंगसरा में प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना ली थी। डेढ़ साल बीत जाने के बाद भी बीमा राशि नहीं मिली है। कलेक्टर ने लीड बैंक मैनेजर को इस मामले का समाधान करने के निर्देश दिए।
गिरधौना की महिला किसान कामिनी साहू ने स्वतः नामांतरण के तहत प्राप्त भूमि की ऋण पुस्तिका नहीं मिलने की शिकायत की। कलेक्टर ने तखतपुर एसडीएम को इस पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
जिला पंचायत सदस्य राधा खिलावन पटेल ने खूंटाघाट जलाशय के मस्तुरी विकासखंंड के अंतिम छोर पर स्थित गांवों में पानी नहीं पहुंचने की जानकारी देते हुए कार्रवाई करने के लिए ज्ञापन सौंपा। कलेक्टर ने सिंचाई विभाग के ईई को उनका ज्ञापन सौंपते हुए हर संभव कार्रवाई के निर्देश दिए।
अस्पताल संचालक ने 12 एकड़ जमीन हड़पी
बेलगहना तहसील के ग्राम करही कछार के ग्रामीणों ने शिवम हास्पिटल के संचालक ने लगभग 10-12 एकड़ भूमि पर कब्जा कर विक्रय करने की शिकायत की। इस मामले में कोटा एसडीएम को प्रकरण की जांच करने के निर्देश कलेक्टर ने दिए। लगभग 80 लोगों ने जनदर्शन में व्यक्तिगत और सामुदायिक हित से जुड़े विषयों को लेकर जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट करते हुए आवेदन दिया।
मल्हार सेवा सहकारी समिति के अध्यक्ष के खिलाफ अपने बेटे को कम्प्यूटर ऑपरेटर की नौकरी पर लगाने की शिकायत जनदर्शन में की गई। कलेक्टर ने मामले की जांच के लिए संयुक्त पंजीयक को निर्देश दिए। वहीं बिल्हा के ग्राम बिटकुली निवासी यश कुमार दिवाकर ने तालाब में अपने पिता की मृत्यु होने के एक वर्ष बाद भी मुआवजा राशि नहीं मिलने की शिकायत की, जिस पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
INDIA WRITERS Voices of India, Words That Matter