स्कूली बच्चों को स्वच्छ और पौष्टिक मध्यान्ह भोजन उपलब्ध कराने के लिए सेंट्रल किचन व्यवस्था का विस्तार किया जाएगा।
रायपुर। प्रदेश में स्कूली बच्चों को स्वच्छ और पौष्टिक मध्यान्ह भोजन उपलब्ध कराने के लिए सेंट्रल किचन व्यवस्था का विस्तार किया जाएगा। वर्तमान में रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, अंबिकापुर और धमतरी में सेंट्रल किचन के माध्यम से बच्चों को भोजन दिया जा रहा है।
अब अन्य शहरों में भी इस व्यवस्था को लागू करने की तैयारी है। इसके तहत नगर निगम क्षेत्रों, जिला मुख्यालयों और अन्य नगरीय क्षेत्रों के साथ ही आसपास के स्कूलों को भी सेंट्रल किचन से जोड़ा जाएगा।
सेंट्रल किचन के संचालन के लिए स्व सहायता समूहों, गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) और भोजन तैयार करने का अनुभव रखने वाली संस्थाओं व फर्मों की मदद ली जाएगी। शिक्षा सचिव कमलप्रीत सिंह के दिशा-निर्देश के अनुसार प्रत्येक जिले में सेंट्रल किचन के संचालन की निगरानी के लिए कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति गठित की जाएगी।
जिला शिक्षा अधिकारी समिति के सदस्य सचिव होंगे। समिति में जिला खाद्य अधिकारी, जिला स्वास्थ्य अधिकारी, उप संचालक खाद्य एवं औषधि प्रशासन तथा आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त सदस्य होंगे। सेंट्रल किचन संचालन के लिए एनजीओ, संस्थाओं और अनुभवी फर्मों से निविदा आमंत्रित की जाएगी। भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और निर्धारित मेन्यू के पालन की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।
सप्ताह में छह दिन अलग-अलग मेन्यू
बच्चों को हर दिन एक जैसा भोजन न मिले, इसके लिए दिनवार मेन्यू निर्धारित किया गया है। सोमवार को चावल के साथ सांभर दाल और पापड़ दिया जाएगा। सांभर में कुम्हड़ा, लौकी, मुनगा या अन्य हरी सब्जियों का उपयोग किया जाएगा। मंगलवार को चावल, पंचरत्न दाल और हरी सब्जी रहेगी।
पंचरत्न दाल में मूंग, चना, अरहर, उड़द और मसूर का उपयोग किया जाएगा। बुधवार को चावल, सादी दाल और सब्जी दी जाएगी। सब्जी में आलू-मटर या आलू-चना शामिल रहेगा। गुरुवार को चावल, पंचरत्न दाल, हरी सब्जी और पापड़ दिया जाएगा।
शुक्रवार को चावल, सादी दाल और सब्जी के साथ पापड़ दिया जाएगा। इस दिन आलू-मटर, आलू-चना, सोयाबीन बड़ी या वेज पुलाव तथा टमाटर की चटनी में से निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन दिया जा सकेगा। शनिवार को खीर के साथ 50 ग्राम अंकुरित चना और 30 ग्राम अंकुरित मूंग, फल्लीदाना या फूटा चना दिया जाएगा। इसके अलावा भुना फल्लीदाना भी मेन्यू में शामिल है। महीने में एक बार बच्चों को खीर-पूड़ी भी दी जाएगी।
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