Iran-US War: : अमेरिका और ईरान जंग के बीच दोनों देशों ने सीजफायर का ऐलान किया था. लेकिन अब एक बार फिर दोनों देश आमने-सामने आ गए हैं. आज रविवार को अमेरिका ने ईरान के करीब 10 ठिकानों पर हमला बोल दिया, जिसकी जवाबी कार्रवाई में ईरान ने अमेरिका के 8 ठिकानों को निशाना बनाया. इस जंग को देखकर अब ऐसा लगने लगा कि सीजफायर समझौता अब टूटने के कगार पर आ गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह कार्रवाई ईरान द्वारा युद्धविराम समझौते का फिर से उल्लंघन करने के बाद की गई है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट किया, “अमेरिका के विमानों ने अभी-अभी ईरान के मिसाइल और ड्रोन स्टोरेज ठिकानों और तटीय रडार साइटों पर हमला किया है, क्योंकि उन्होंने एक बार फिर सीज़फायर समझौते का उल्लंघन किया है. बहुत मुमकिन है कि वे कभी नहीं सीखेंगे. एक समय ऐसा आ सकता है जब हम और ज्यादा समझदारी से काम न ले पाएं और हमें उस काम को सैन्य तरीके से पूरा करने के लिए मजबूर होना पड़े, जिसे हमने बहुत सफलतापूर्वक शुरू किया था. अगर ऐसा हुआ, तो इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का अस्तित्व ही खत्म हो जाएगा.”
कुबैत समेत 8 ठिकानों पर ईरान ने किया हमला
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने के मुताबिक, IRGC नेवी और एयरोस्पेस फोर्सेज ने आज सुबह 2:00 से 3:00 बजे के बीच अमेरिकी सेना के आठ प्रमुख बुनियादी ढांचे पर एक संयुक्त मिसाइल और ड्रोन ऑपरेशन लॉन्च किया. कुवैत में अली अल-सलेम एयर बेस और सलमान पोर्ट, बहरीन में पांचवें बेड़े के नौसैनिक अड्डे को निशाना बनाया है.
होर्मुज की जिम्मेदारी हमारी -ईरान का दावा
IRGC ने यह भी दावा किया है कि होर्मुज से होने वाली शिपिंग की जिम्मेदारी अब ईरान की है. इस दौरान जो भी नियम तोड़ेगा. उसके साथ सख्ती से निपटा जाएगा. फिलहाल, दोनों देशों के बीच शुरू जंग को लेकर अमेरिका और ईरान ने एक-दूसरे पर हमले का आरोप लगाया है. वहीं ईरान का कहना है कि अमेरिका ने कई बार सीजफायर का उल्लंघन किया है.
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