इंदौर में 773 करोड़ की लागत से बनेंगी MY अस्पताल की 3 नई बिल्डिंग, 1450 बिस्तर होंगे, मॉडर्न सुविधाओं से लैस होगा

MY Hospital Indore: इंदौर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल, महाराजा यशवंत राव अस्पताल (Maharaja Yashwant Rao Hospital) के नए भवन का डिज़ाइन जारी कर दिया गया है. लंबे समय से प्रतीक्षित इस परियोजना के सामने आने से शहर के लाखों मरीजों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. नया एमवाय अस्पताल आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा और इसे नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) की गाइडलाइंस के अनुरूप विकसित किया जाएगा.

773 करोड़ की लागत आएगी
प्रस्तावित नए एमवाय अस्पताल परिसर में कुल तीन अत्याधुनिक इमारतों का निर्माण किया जाएगा, जिनमें 1450 बेड की क्षमता होगी. इसके साथ ही अस्पताल स्टाफ और नर्सिंग कर्मियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 500 बेड का अलग नर्सिंग होस्टल भी बनाया जाएगा. इस पूरी परियोजना पर लगभग 773 करोड़ रुपये की लागत आएगी, जिसमें अस्पताल भवन के साथ-साथ नर्सिंग होस्टल का निर्माण शामिल है.

सोइल टेस्टिंग शुरू हुई
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, नए अस्पताल का लेआउट पूरी तरह फाइनल कर दिया गया है. निर्माण कार्य शुरू होने से पहले आवश्यक मिट्टी परीक्षण (सोइल टेस्टिंग) की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है, ताकि भवन की मजबूती और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. इसके साथ ही परिसर में मौजूद बाधक निर्माणों को हटाने का काम भी शुरू हो चुका है, जिससे निर्माण कार्य में किसी तरह की रुकावट न आए.

मालवा-निमाड़ क्षेत्र का हेल्थ केयर हब बनेगा
नया एमवाय अस्पताल मरीजों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिज़ाइन किया गया है. इसमें आधुनिक ओपीडी ब्लॉक, हाई-टेक ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू, ट्रॉमा केयर यूनिट, इमरजेंसी सेवाएं, एडवांस डायग्नोस्टिक सुविधाएं और बेहतर इन-पेशेंट केयर की व्यवस्था होगी. अस्पताल की संरचना इस तरह तैयार की जाएगी कि मरीजों और उनके परिजनों को कम से कम असुविधा हो और इलाज की प्रक्रिया अधिक सुगम बने.

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नया अस्पताल इंदौर ही नहीं, बल्कि पूरे मालवा-निमाड़ क्षेत्र के लिए एक हेल्थ केयर हब के रूप में विकसित होगा. वर्तमान में एमवाय अस्पताल पर मरीजों का अत्यधिक दबाव रहता है, जिसे नया परिसर काफी हद तक कम करेगा. आधुनिक सुविधाओं और बढ़ी हुई बेड क्षमता से गंभीर मरीजों को समय पर बेहतर इलाज मिल सकेगा.

नए एमवाय अस्पताल के निर्माण को लेकर शहरवासियों और मेडिकल समुदाय में उत्साह है. माना जा रहा है कि यह परियोजना पूरी होने के बाद इंदौर की स्वास्थ्य सेवाओं को एक नई दिशा देगी और सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर लोगों का भरोसा और मजबूत करेगी.

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