Masoud Pezeshkian: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि उन्होंने अपना इस्तीफा शीर्ष नेतृत्व को सौंप दिया है. बताया जा रहा है कि देश के सैन्य और राजनीतिक ढांचे के बीच बढ़ते टकराव के कारण उन्होंने यह कदम उठाने की पेशकश की. हालांकि तेहरान की ओर से इन खबरों का खंडन भी किया गया है और सरकार का कहना है कि राष्ट्रपति अपने पद पर बने हुए हैं.
रिपोर्टों के मुताबिक पेजेशकियन लंबे समय से इस बात से नाराज थे कि देश के अहम फैसलों में उनकी सरकार की भूमिका लगातार कम होती जा रही थी. यही वजह है कि पेजेशकियन ने इस तरह का कदम उठाया है. उनके इस इस्तीफे के पीछे की चर्चा की वजह होना भी लाजमी है. ऐसा इसलिए क्योंकि इस समय अमेरिका से शांति समझौते पर बातचीत जारी है, जो अंतिम चरण में हैं.
दावा किया गया कि IRGC यानी ईरान की शक्तिशाली रिवोल्यूशनरी गार्ड ने सुरक्षा, विदेश नीति और सैन्य मामलों पर लगभग पूरा नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया था. इसी वजह से निर्वाचित सरकार खुद को निर्णय प्रक्रिया से अलग-थलग महसूस कर रही थी.
पेजेशकियन ने शीर्ष नेतृत्व से की शिकायत
कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि पेजेशकियन ने शीर्ष नेतृत्व को भेजे गए कथित संदेश में शिकायत की कि नागरिक सरकार केवल नाम की रह गई है. वास्तविक फैसले सैन्य प्रतिष्ठान के प्रभाव में लिए जा रहे हैं, बताया गया कि हाल के क्षेत्रीय तनाव और युद्ध जैसी परिस्थितियों के बाद IRGC का प्रभाव और बढ़ गया, जिससे राष्ट्रपति और उनके सहयोगियों की भूमिका सीमित हो गई.
ईरानी अधिकारियों ने दावों को बताया गलत
दूसरी ओर ईरानी अधिकारियों ने इन दावों को पूरी तरह गलत बताया है. सरकार से जुड़े अधिकारियों और ईरान की सरकारी लाइन का समर्थन करने वाली एजेंसियों ने कहा है कि राष्ट्रपति ने इस्तीफा नहीं दिया है. वह सामान्य रूप से अपने दायित्व निभा रहे हैं. राष्ट्रपति कार्यालय के अधिकारियों ने भी इन खबरों को भ्रामक और विदेशी मीडिया द्वारा फैलाया गया दावा बताया है.
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