रायपुर में साइबर ठगी का एक नया मामला सामने आया है, जहां ई-चालान के नाम पर भेजी गई एक एपीके फाइल डाउनलोड करना एक फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी को भारी पड़ गया। ठगों ने मोबाइल में पहुंच बनाकर बैंक खाते से 2.63 लाख रुपये से अधिक की रकम पार कर दी। शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ई-चालान समझकर डाउनलोड की एपीके फाइल
पुलिस के अनुसार मोवा निवासी आशीष वर्मा एक फाइनेंस कंपनी में कार्यरत हैं। उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से आरटीओ ई-चालान संबंधी संदेश भेजा गया था। संदेश के साथ एक एपीके फाइल भी संलग्न थी।
आशीष ने इसे वास्तविक ई-चालान मानते हुए फाइल डाउनलोड कर ओपन कर लिया। इसके कुछ समय बाद साइबर ठगों ने उनके मोबाइल और बैंकिंग सिस्टम तक पहुंच बना ली। इसके जरिए खाते से अलग-अलग माध्यमों से कुल 2 लाख 63 हजार 673 रुपये निकाल लिए गए।
खाते से रकम गायब होने पर हुआ खुलासा
घटना की जानकारी तब हुई जब पीड़ित ने अपने बैंक खाते की जांच की। खाते से बड़ी रकम निकलने का पता चलते ही उन्होंने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर लिया है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ठगों ने एपीके फाइल के जरिए मोबाइल डिवाइस पर नियंत्रण हासिल कर बैंकिंग जानकारी तक पहुंच बनाई और वारदात को अंजाम दिया।
साइबर सेल जांच में जुटी, लोगों को दी गई चेतावनी
मामले की जांच के लिए पुलिस ने साइबर सेल की मदद ली है। ठगी में इस्तेमाल मोबाइल नंबर, बैंक खातों और डिजिटल लेन-देन की जानकारी खंगाली जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात लिंक, एपीके फाइल या संदिग्ध संदेश को बिना सत्यापन डाउनलोड या ओपन न करें। साइबर अपराधी लगातार नए तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं, इसलिए डिजिटल सुरक्षा को लेकर सतर्क रहना बेहद जरूरी है।
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