Government Talks Demand List: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है. कई दिनों से रांची में प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने अब राज्य सरकार से बातचीत के लिए सहमति तो जताई है, लेकिन इसके लिए कुछ स्पष्ट शर्तें भी रखी हैं. दूसरी तरफ अब इस प्रदर्शन को कई लोगों का साथ मिल रहा है.
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने सरकार से बातचीत से पहले कई तरह की शर्तें रख दी हैं. उन्होंने कहा कि यह बातचीत पूरी तरह से पारदर्शी होनी चाहिए. यही कारण है कि उनकी पहली शर्त है कि वार्ता बंद कमरे में नहीं, बल्कि मीडिया की मौजूदगी में होनी चाहिए. ताकि पूरी प्रक्रिया सार्वजनिक रहे.
इसके अलावा, सरकार की तरफ से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन या अधिकृत वरिष्ठ प्रतिनिधि बातचीत में शामिल हों. बैठक का स्पष्ट एजेंडा पहले से तय किया जाए. इसके बाद ही कोई बातचीत होनी चाहिए.
छात्र सीबीआई जांच कर रहे मांग
आंदोलनकारी छात्रों का आरोप है कि झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और अन्य भर्ती परीक्षाओं में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं. उनकी मांग है कि विवादित परीक्षाओं को रद्द किया जाए, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो. कई छात्र इस मामले की सीबीआई जांच की मांग भी कर रहे हैं.
सरकार ने दिए बातचीत के संकेत
इस बीच, राज्य सरकार ने भी आंदोलन खत्म कराने के लिए बातचीत का रास्ता अपनाने के संकेत दिए हैं. मतलब यह कि सरकार भी नहीं चाहती है कि यह आंदोलन कुछ और दिन चले. ऐसा इसलिए क्योंकि इस प्रदर्शन की वजह से सरकार को मुसीबत का सामना करना पड़ सकता है.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि सरकार छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से ले रही है. जल्द ही ठोस समाधान पेश किया जाएगा. उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी योग्य अभ्यर्थी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा. कुल मिलाकर यह माना जा रहा है कि अब सरकार किसी भी हाल में प्रदर्शन खत्म कराने की कवायत में लग चुकी है.
अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी
आंदोलन के दौरान अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल भी जारी है. छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की अपील के बाद पानी पीना शुरू कर दिया. लेकिन, उन्होंने स्पष्ट किया कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं लेती है. दूसरी तरफ आंदोलन को और मजबूती देने के लिए कुछ अन्य छात्र भी भूख हड़ताल में शामिल हो गए हैं.
भर्ती घोटाले की जांच हुई तेज
भर्ती परीक्षा मामले की जांच भी तेज हो गई है. सीआईडी ने कार्रवाई करते हुए पांच और लोगों को गिरफ्तार किया है. कथित भर्ती घोटाले से जुड़े कई पहलुओं की जांच जारी है. सरकार का कहना है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.
जबकि छात्र चाहते हैं कि जांच के साथ-साथ भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए स्थायी सुधार भी किए जाएं. अब सबकी नजर सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच संभावित बैठक पर टिकी है, क्योंकि इसी बातचीत से आंदोलन की आगे की दिशा तय हो सकती है.
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