हैदराबाद में खाद्य सुरक्षा और पुलिस टीम ने मिलावटखोरी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 25 टन से अधिक खतरनाक और रासायनिक पदार्थों से युक्त मसालों को जब्त किया है. मसालों में सिंथेटिक रंग, कपड़ों की डाई और टैल्कम पाउडर मिलाकर बेचे जाने का खुलासा हुआ है. इस सिलसिले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है और उनके खिलाफ तीन अलग-अलग आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं. हैदराबाद पुलिस ने पहली बार खाद्य मिलावट के मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 110 (गैर इरादतन हत्या का प्रयास) लगाई है.
हैदराबाद में छापेमारी के दौरान कथित तौर पर खतरनाक रसायनों से मिश्रित 25 टन से अधिक मिलावटी मसाले जब्त किया गया है. पुलिस ने मंगलवार को बताया कि इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उनके खिलाफ सख्त कानूनी धाराओं में मामला दर्ज किया गया है.
पुलिस छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने शहर की 13 मसाला ट्रेडिंग और प्रोसेसिंग यूनिट्स का निरीक्षण किया. जांच में पाया गया कि ये कारोबारी गलत लेबलिंग और उपभोक्ताओं को धोखा देने वाली खतरनाक प्रोसेसिंग तकनीकों का खुलेआम इस्तेमाल कर रहे थे.
लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ कारोबारी खराब गुणवत्ता वाली और रिजेक्ट की गई सरसों को कपड़ों की डाई, टैल्कम पाउडर और तेल के साथ मिलाकर दोबारा बाजार में बेचा जा रहा था. वहीं लौंग और शाही जीरा पर सिंथेटिक रंग चढ़ाए जा रहे थे.
हैदराबाद के पुलिस कमिश्नर वी.सी. सज्जनार ने बताया कि इस व्यापक निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के गंभीर उल्लंघन सामने आए. छापों के दौरान 25 टन ऐसे मसाले बरामद हुए जिनमें घातक रसायन और खतरनाक पदार्थ मिले हुए थे.
इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान काटेदान निवासी राहुल भाटी, बेगम बाजार निवासी विशाल पंवार और दुलीचंद कच्छावा के रूप में हुई है. कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने 89 टन से अधिक कच्चा माल भी जब्त किया. इसमें सरसों, मेथी और तिल के बीज शामिल हैं.
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