37 लाख डॉग बाइट, रेबीज से बढ़ती मौतें… आवारा कुत्तों पर SC की सख्ती, जानें देशभर में क्यों मचा है बवाल

Stray Dogs: भारत में आवारा कुत्तों का आतंक और रेबीज से बढ़ती मौतों ने पूरे देश को झकझोर दिया है. देश में 1.53 करोड़ आवारा कुत्ते हैं. साल 2024 में 37 लाख से ज्यादा डॉग बाइट के मामले और 54 संदिग्ध रेबीज मौतों के बाद सुप्रीम कोर्ट ने सख्त कदम उठाया है. दिल्ली-NCR में सभी आवारा कुत्तों को 8 सप्ताह में शेल्टर होम में स्थानांतरित करने का आदेश, नसबंदी-टीकाकरण और हेल्पलाइन शुरू करने का निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने दिया है.

देशभर में 37 लाख से अधिक डॉग बाइट के मामले दर्ज हुए, जिनमें 5.19 लाख से ज्यादा पीड़ित 15 साल से कम उम्र के बच्चे थे. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, वैश्विक रेबीज मौतों का 36% हिस्सा भारत में है, जो इस समस्या की गंभीरता को दर्शाता है. दिल्ली में 2023 की तुलना में 2024 में डॉग बाइट के मामलों में 143% की वृद्धि हुई और रेबीज से 54 संदिग्ध मौतें दर्ज की गईं.

सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख
सुप्रीम कोर्ट ने 28 जुलाई 2025 को आवारा कुत्तों और रेबीज से होने वाली मौतों के बढ़ते आंकड़ों पर स्वतः संज्ञान लिया. 12 अगस्त को SC ने दिल्ली-NCR में सभी आवारा कुत्तों को 8 सप्ताह के भीतर शेल्टर होम में स्थानांतरित करने का आदेश दिया. कोर्ट ने साफ किया कि कुत्तों को नसबंदी और टीकाकरण के बाद सड़कों पर वापस नहीं छोड़ा जाएगा. इसके अलावा, एक सप्ताह में डॉग बाइट शिकायतों के लिए हेल्पलाइन शुरू करने और 5,000 कुत्तों की क्षमता वाले शेल्टर होम बनाने का निर्देश दिया गया.

आंकड़ों का डरावना सच
2024 में देशभर में 37,17,336 डॉग बाइट के मामले सामने आए, जिनमें 21,95,122 ग्रामीण क्षेत्रों से थे. इसमें रेबीज से होने वाली मौतें 2023 की 50 की तुलना में 2024 में बढ़कर 54 हो गईं. डॉग बाइट के केसों में 5.19 लाख मामले 15 साल से कम उम्र के बच्चों के थे. दिल्ली में हर दिन औसतन 2,000 डॉग बाइट की घटनाएं और जनवरी-जून 2024 में 35,198 मामले दर्ज हुए. महाराष्ट्र (4.85 लाख), तमिलनाडु (4.80 लाख), गुजरात (3.92 लाख), कर्नाटक (3.61 लाख), और बिहार (2.63 लाख) में सबसे ज्यादा मामले दर्ज हुए.

सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि सभी आवारा कुत्तों को 8 सप्ताह में शेल्टर होम में स्थानांतरित करना है. सभी आवारा कुत्तों का नसबंदी और टीकाकरण करना अनिवार्य है. एक सप्ताह में डॉग बाइट शिकायतों के लिए हेल्पलाइन शुरू करना है. शेल्टर प्रक्रिया में बाधा डालने वालों के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की जाएगी. दिल्ली सरकार को रेबीज वैक्सीन स्टॉक और इलाज की जानकारी सार्वजनिक करने का आदेश दिया है. 5,000 कुत्तों की क्षमता वाले शेल्टर होम और प्रशिक्षित कर्मचारियों की तैनाती होगी.

समाज में दो धड़ों की राय
सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर समाज दो हिस्सों में बंटा है. आम लोग डॉग बाइट के डर से राहत महसूस कर रहे हैं, वहीं पशु प्रेमी और एक्टिविस्ट इसे क्रूर कदम मान रहे हैं. मेनका गांधी ने शेल्टर होम की व्यवहारिकता पर सवाल उठाए, कहा कि 3 लाख कुत्तों के लिए डेढ़ लाख स्टाफ चाहिए.

सरकार के सामने चुनौतियां

  • शेल्टर होम की कमी और उनकी क्षमता बढ़ाने की जरूरत.
  • प्रशिक्षित कर्मचारियों की नियुक्ति.
  • वैक्सीन और इलाज की उपलब्धता सुनिश्चित करना.
  • जनता और पशु कल्याण संगठनों के बीच संतुलन बनाना.

रेबीज: एक जानलेवा खतरा
रेबीज 100% घातक है अगर समय पर टीका न लगे. WHO के मुताबिक, 99% रेबीज मामले डॉग बाइट से होते हैं. समय पर वैक्सीनेशन ही बचाव का एकमात्र उपाय है. भारत में रेबीज की रोकथाम के लिए राष्ट्रीय रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम (NRCP) चलाया जा रहा है, जिसमें वैक्सीन वितरण, क्लीनिक स्थापना, और जागरूकता अभियान शामिल हैं.

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