दिल्ली में प्रॉपर्टी टैक्स की रिकॉर्ड तोड़ वसूली, MCD ने 2950 करोड़ का आंकड़ा किया पार

दिल्ली नगर निगम (MCD) के प्रॉपर्टी टैक्स विभाग ने चालू वित्तीय वर्ष में रिकॉर्ड वसूली दर्ज की है। विभाग के अनुसार अब तक करीब 2950 करोड़ रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स जमा हो चुका है, जो पिछले साल की तुलना में काफी अधिक है। अधिकारियों के मुताबिक इस बार टैक्स देने वाले लोगों की संख्या में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। डिजिटल भुगतान और जागरूकता अभियानों के कारण अधिक संपत्ति मालिक समय पर टैक्स जमा कर रहे हैं। एमसीडी के प्रॉपर्टी टैक्स विभाग को उम्मीद है कि 31 मार्च तक लगभग 3200 करोड़ रुपये के लक्ष्य को हासिल कर लिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि अगर मौजूदा रफ्तार बनी रही तो यह अब तक की सबसे ज्यादा प्रॉपर्टी टैक्स वसूली हो सकती है।

पिछले साल से 2.20 लाख ज्यादा लोगों ने भरा टैक्स
पिछले साल इसी अवधि तक करीब 10.60 लाख प्रॉपर्टी मालिकों ने टैक्स जमा कराया था, जबकि इस बार यह संख्या बढ़कर लगभग 12.80 लाख तक पहुंच गई है। यानी इस साल करीब 2.20 लाख अतिरिक्त प्रॉपर्टी मालिकों ने प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान किया है। अधिकारियों के अनुसार टैक्सदाताओं की इस बढ़ी हुई भागीदारी से राजस्व में तेजी से इजाफा हुआ है और इससे Delhi में विकास कार्यों के लिए वित्तीय संसाधन मजबूत होंगे।

‘सूनियो योजना’ ने बदली वसूली की तस्वीर
प्रॉपर्टी टैक्स विभाग के अनुसार इस साल बेहतर वसूली का बड़ा कारण ‘सूनियो योजना’ रही है। कुछ महीने पहले शुरू की गई इस योजना ने लोगों को टैक्स जमा करने के लिए काफी प्रोत्साहित किया है। दरअसल, एमसीडी के लिए प्रॉपर्टी टैक्स सबसे बड़ा राजस्व स्रोत है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए विभाग को 3200 करोड़ रुपये का लक्ष्य दिया गया था। पिछले साल के आंकड़ों को देखते हुए इसे चुनौतीपूर्ण माना जा रहा था, लेकिन नई योजना के बाद वसूली की रफ्तार तेज हो गई है।

‘सूनियो योजना’ के तहत प्रमुख राहत
जिन प्रॉपर्टी मालिकों ने 2004 के बाद कभी प्रॉपर्टी टैक्स जमा नहीं किया, उन्हें विशेष छूट दी गई है। ऐसे लोग मौजूदा वित्तीय वर्ष का टैक्स और पिछले 5 साल का टैक्स जमा करके पुराने सभी बकाया से छुटकारा पा सकते हैं। इस प्रक्रिया में उन्हें ब्याज और पेनल्टी से भी राहत दी जा रही है।

बढ़ती भागीदारी के चलते योजना की समयसीमा बढ़ी
प्रॉपर्टी टैक्स विभाग के अनुसार ‘सूनियो योजना’ को लोगों से मिल रही सकारात्मक प्रतिक्रिया को देखते हुए इसकी समयसीमा बढ़ा दी गई है। पहले यह योजना सीमित अवधि के लिए शुरू की गई थी, लेकिन अब इसे 31 मार्च तक लागू कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि बड़ी संख्या में प्रॉपर्टी मालिक इस योजना का फायदा उठाकर अपना बकाया टैक्स जमा कर रहे हैं। इसके अलावा टैक्स डिफॉल्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और लगातार चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों की वजह से भी वसूली में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।

एमसीडी को उम्मीद है कि मौजूदा रफ्तार को देखते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए तय 3200 करोड़ रुपये का लक्ष्य आसानी से हासिल किया जा सकता है। बढ़ती वसूली से Delhi में नागरिक सुविधाओं और विकास कार्यों के लिए संसाधन भी मजबूत होंगे।

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