नई दिल्ली। दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने राजधानी में पानी और सीवर की खस्ताहाल स्थिति को लेकर पूर्ववर्ती सरकार पर करारा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने जनता को साफ पानी मुहैया कराने के बजाय शराब के ठेके खोलने पर ज्यादा ध्यान दिया। मंत्री ने यमुना नदी की सफाई और जल आपूर्ति सुधारने के लिए कई बड़े प्रोजेक्ट्स की घोषणा की। उनका कहना है कि इन पहलों से राजधानी के निवासियों को घर बैठे बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। विशेष रूप से प्रवेश वर्मा ने बताया कि दिल्ली जल बोर्ड जल्द ही एक ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च करेगा। इसके माध्यम से कंज्यूमर घर की टंकियों की सफाई के लिए आवेदन कर सकेंगे और यह काम स्वयं विभाग द्वारा किया जाएगा। इस सेवा के लिए उपभोक्ताओं को पहले पोर्टल पर रजिस्टर करना होगा।
दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने राजधानी में पानी और सीवर की बढ़ती समस्याओं के लिए पिछली सरकार की कार्यप्रणाली को जिम्मेदार ठहराया। मंत्री ने कहा कि दिल्ली की जनता कई सालों से साफ पानी और बेहतर सीवर सुविधा की भारी किल्लत झेल रही है, लेकिन पूर्ववर्ती सरकार ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जनता की जल समस्याओं के बजाय पिछली सरकार ने अन्य मामूली मुद्दों पर अधिक ध्यान केंद्रित किया। प्रवेश वर्मा ने भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार इन लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का समाधान करने के लिए गंभीर प्रयास कर रही है और यमुना नदी की सफाई तथा ऑनलाइन टंकी सफाई जैसी नई पहलों के माध्यम से दिल्लीवासियों को बेहतर जल सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
’12 सालों से रुका हुआ था काम’
प्रवेश वर्मा ने कहा कि कई इलाकों और विधानसभाओं में पिछले 12 सालों से पानी और सीवर का काम पूरी तरह से रुका हुआ था, यहां तक कि कई जगहों पर पाइपलाइन तक नहीं डाली गई थी। मंत्री ने बताया कि सरकार बदलने के बाद इन सभी रुके हुए कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शुरू कर दिया गया है। उनका कहना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से राजधानी के नागरिकों को लगातार और सुरक्षित जल आपूर्ति के साथ बेहतर सीवर व्यवस्था भी मिलेगी।
‘यमुना सफाई का लक्ष्य’
दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि यमुना नदी को प्रदूषण मुक्त करना और उसका पानी स्वच्छ बनाना नई सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दिल्ली में पानी की कमी दूर करने और जल परियोजनाओं के विकास के लिए केंद्र सरकार से पूरा सहयोग मिल रहा है और फंड की कोई कमी नहीं है। मंत्री ने बताया कि यमुना में गंदा पानी गिरने से रोकने के लिए 35 नए छोटे-बड़े सीवर ट्रीटमेंट प्लांट्स (STP) लगाए जा रहे हैं। इन प्लांट्स में सीवर का पानी पूरी तरह साफ होने के बाद ही नदी में छोड़ा जाएगा, जिससे नदी का पानी प्रदूषण मुक्त और सुरक्षित बने।
उन्होंने बताया कि अगले दो सालों में 35 नए सीवर ट्रीटमेंट प्लांट्स (STP) बनकर तैयार हो जाएंगे। मंत्री ने बताया कि नए प्लांट्स के साथ-साथ दिल्ली जल बोर्ड के पुराने और खराब पड़े STPs की मरम्मत का काम भी किया जा रहा है, ताकि यमुना में झाग और बदबू की समस्या पूरी तरह खत्म की जा सके।
जल बोर्ड द्वारा शुरू की जाने वाली टैंक सफाई सेवा के लिए शुल्क तय किया जा रहा है, जो निःशुल्क से लेकर 40–50 रुपये तक हो सकता है। इसके साथ ही यमुना नदी की सफाई के लिए भी बड़े स्तर पर काम शुरू किया जाएगा। प्रवेश वर्मा ने कहा कि दिल्ली जल बोर्ड को इसलिए बनाया गया था ताकि वह स्वतंत्र रूप से फैसले लेकर काम कर सके। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के कार्यकाल में जल बोर्ड की हर बड़ी फाइल मुख्यमंत्री के पास जाती थी, जिससे कार्य प्रभावित होता था।
विपक्ष पर आरोप और पानी संकट का मुद्दा
दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि एक अखबार में प्रकाशित सीएजी (CAG) रिपोर्ट के अनुसार 2017 से 2023 के बीच कई ग्राउंड वाटर सैंपल फेल पाए गए। मंत्री ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों ने जनता को साफ पानी मुहैया कराने के बजाय शराब के ठेके खोलने और अन्य मामूली मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने कहा कि अब वही विपक्ष के नेता खुद उनके पास पानी की समस्या का समाधान मांगने आते हैं।
प्रवेश वर्मा ने कहा, “जब उनसे पूछा जाता है कि पिछले 11 साल में क्या किया गया, तो वे कहते हैं कि उन्हें बोलने का मौका ही नहीं मिला।” मंत्री ने इस अवसर पर आश्वासन दिया कि नई सरकार जल संकट को प्राथमिकता के आधार पर हल करने के लिए गंभीर कदम उठा रही है और यमुना सफाई, टंकी सफाई और STP सुधार जैसी पहलें इसी दिशा में हैं।
पानी सप्लाई और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार की योजना
उन्होंने कहा कि दिल्ली में रोजाना लगभग 1200 MGD (मिलियन गैलन प्रतिदिन) पानी की जरूरत है, जबकि वर्तमान में केवल करीब 1000 MGD पानी ही उपलब्ध हो पाता है। इसमें से लगभग 875 MGD नहरों से आता है और बाकी ट्यूबवेल के जरिए। इसके बावजूद पानी का नुकसान भी काफी ज्यादा है। मंत्री ने बताया कि सरकार 35 नए सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (STP) लगा रही है, जो अगले दो साल में तैयार हो जाएंगे। इसके अलावा राजधानी की 1799 कॉलोनियों में 100 प्रतिशत सीवर कनेक्शन स्थापित किया जाएगा और सभी कॉलोनियों को इन STP से जोड़ा जाएगा, ताकि हर घर तक साफ पानी और बेहतर सीवर सुविधा सुनिश्चित की जा सके।
बोरवेल और विकास कार्यों पर सख्ती
प्रवेश वर्मा ने कहा कि राजधानी में अवैध बोरवेल लगाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि घरेलू बोरवेल के लिए उचित अनुमति दी जाएगी। मंत्री ने दावा किया कि कई विधानसभा क्षेत्रों में पिछले 12 सालों से पानी और सीवर से जुड़े काम नहीं हुए थे, लेकिन उनकी सरकार बनने के बाद वहां तेजी से विकास कार्य शुरू किए गए हैं।
प्रवेश वर्मा ने कहा कि दिल्ली की पानी की समस्या को हल करने के लिए केंद्र सरकार से पूरा सहयोग मिल रहा है और इसके लिए फंड की कोई कमी नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दिल्ली सरकार हर घर तक साफ पानी पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और यमुना नदी की सफाई, नए STP प्लांट्स और कॉलोनियों में सीवर कनेक्शन जैसी पहलों को प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जा रहा है।
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