MP News: मध्य प्रदेश के दतिया से कांग्रेस विधायक रहे राजेंद्र भारती को FD घोटाला मामले में दिल्ली MP-MLA कोर्ट ने 3 साल की सजा सुनाई है और 60 दिनों के भीतर अपील दायर करने का समय दिया है. कोर्ट के फैसले के बाद विधानसभा सचिवालय ने उनकी विधानसभा सदस्यता भी रद्द कर दी और दतिया सीट को रिक्त घोषित कर दिया गया.
केस की विवेक तनखा करेंगे पैरवी
इस पूरे मामले में राजेंद्र भारती ने दिल्ली हाई कोर्ट में 4 तारीख को याचिका दायर की थी, जिसकी सुनवाई मंगलवार को तय हुई है. राजेंद्र भारती की तरफ से केस की पैरवी विवेक तनखा करेंगे.
देर रात प्रमुख सचिव ने जारी किया था आदेश
27 साल पुराने एफडी घोटाला मामले में दिल्ली की एमपी-एमएल कोर्ट ने भारती को 3 साल की सजा सुनाई थी. कोर्ट ने उन्हें अपील दायर करने के लिए 60 दिनों को समय भी दिया है. लेकिन कोर्ट के फैसले के बाद शुक्रवार 3 अप्रैल की बीती रात विधानसभा के प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा ने देर रात सचिवालय खोलकर राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता रद्द करने का आदेश जारी करते हुए दतिया विधानसभा सीट को रिक्त घोषित कर दिया.
क्या है राजेंद्र भारती का एफडी घोटाला मामला?
पूरे घटनाक्रम की शुरुआत 1998 से हुई, जब श्याम सुंदर संस्थान के अध्यक्ष सावित्री श्याम (राजेंद्र भारती की मां) ने दतिया सहकारी ग्रामीण विकास बैंक में तीन साल के लिए 10 लाख रुपये एफडी (फिक्सड डिपॉजिट) कराई थी. जिस पर 13.5 प्रतिशत का ब्याज उन्हें मिलना चाहिए था. इस दौरान बैंक के संचालक मंडल के अध्यक्ष राजेंद्र भारती थे और वहीं श्याम सुंदर संस्थान बोर्ड ऑफ ट्रस्टी के सदस्य भी थे.
उनके कार्यकाल के दौरान ही बैंक के रिकार्ड में हेराफेरी और कूटरचना कर भारती ने सावधि जमा एफडी की अवधि को 3 साल से बढ़ाकर 15 साल कर दी और साल 1999 से 2011 के बीच सालाना 13.5 प्रतिशत ब्याज दर के अनुसार, 1 लाख 35 हजार रुपये निकाल लिए. इसके बाद इस पूरे मामले की शिकायत बैंक कर्मचारी नरेंद्र सिंह ने कोर्ट में दर्ज कराई. कोर्ट ने शिकायत को गंभीरता से लिया और राजेंद्र भारती पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज करने का आदेश दिया.
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