बिलासपुर जिले के सीपत थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मोहरा (कछरीपारा) में प्रार्थना सभा की आड़ में कथित तौर पर (Religious Conversion) प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने का एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है, जिसमें पुलिस ने शिकायत के आधार पर तीन आरोपियों—रामस्वरूप सूर्यवंशी, जितेंद्र सूर्यवंशी और पंकज कुमार करियारे के खिलाफ बीएनएस की धारा 299 और छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम 1968 की धारा 3 और 4 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने के आरोप में 3 पर FIR दर्ज (Religious Conversion)
यह पूरी कार्रवाई ग्राम मोहरा निवासी सुमित यादव की लिखित शिकायत पर की गई है, जिन्होंने रविवार सुबह अपने साथियों के साथ रामस्वरूप सूर्यवंशी के घर चल रही प्रार्थना सभा में पहुंचकर इस कथित खेल का भंडाफोड़ किया; वहां हिंदू धर्म के लोगों को अच्छे घरों में शादी कराने, मुफ्त इलाज, स्वास्थ्य लाभ और विभिन्न नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने का लालच देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था, साथ ही सभा में हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग कर सनातन धर्म छोड़ने के लिए उकसाया जा रहा था।
मिले आंकड़ों के मुताबिक, जिले में इस तरह के मामले लगातार पैर पसार रहे हैं, जिसके तहत जनवरी 2025 से अप्रैल 2026 तक के 16 महीनों के भीतर ही कुल 58 केस दर्ज किए जा चुके हैं, जिससे यह साफ होता है कि गरीब, बीमार और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के साथ-साथ महिलाओं और बच्चों को चंगाई सभाओं के जरिए भोजन, सहायता, नौकरी और शराब छुड़ाने जैसे प्रलोभनों के जाल में फंसाकर धीरे-धीरे धर्म परिवर्तन के मार्ग पर धकेला जा रहा है.
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