Breaking News

बेटी हुई है…कार पर बैनर लगाकर अस्पताल से घर तक मनाया जश्न, परिवार ने पेश की अनोखी मिशाल

CG News: धमतरी शहर में बीती रात ढोल-धुमाल की गूंज और नाचते-झूमते लोगों की भीड़ देखकर राहगीरों को लगा कि शायद किसी राजनीतिक पार्टी की रैली या शादी की बारात निकल रही है. लेकिन जैसे ही लोगों की नजर जुलूस में चल रही गाड़ी पर लगे पोस्टर पर पड़ी, सभी हैरान रह गए. पोस्टर पर लिखा था – “बेटी हुई है”.

बेटी हुई है…कार पर बैनर लगाकर अस्पताल से घर तक मनाया जश्न
दरअसल यह अनोखी जश्न यात्रा किसी बारात की नहीं, बल्कि एक नन्हीं बेटी के जन्म की खुशी में निकाली गई थी. शहर के मकेश्वर वार्ड निवासी रूपेश कोसरिया और उनकी पत्नी किरण कोसरिया को पहली पुत्री रत्न की प्राप्ति हुई है. 1 अप्रैल को बठेना अस्पताल में जन्मी बच्ची को जब अस्पताल से घर लाया गया, तब परिवार और वार्डवासियों ने धूमधाम से स्वागत करते हुए जश्न यात्रा निकाली. ढोल-धुमाल की धुन पर परिवारजन और मोहल्लेवासी नाचते-गाते घर पहुंचे. आतिशबाजी की गई और लोगों का मुंह मीठा कराकर खुशियां साझा की गईं. इस अनोखे आयोजन को देखने वाले लोग परिवार की सोच और बेटी के प्रति सम्मान की खुलकर सराहना करते नजर आए.

24 साल बाद परिवार में हुई बेटी
बच्ची के बड़े पापा दीपक कोसरिया ने बताया कि उनके परिवार में 24 साल बाद बेटी का जन्म हुआ है. उन्होंने कहा, “हमारे घर में बहन के बाद पहली बार बेटी आई है, इसलिए यह खुशी खास है. बेटी कोई बोझ नहीं होती, उसे अच्छी शिक्षा और बेहतर भविष्य देना ही परिवार की जिम्मेदारी है. घर में बेटी होना गर्व की बात है और भगवान का आशीर्वाद है”

वहीं बुआ कंचन मिनपाल ने कहा कि बेटी घर की खुशियां होती है और जीवनभर माता-पिता का साथ निभाती है. उन्होंने कहा, “आज के समय में बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं. घर में बेटी का जन्म सौभाग्य की बात है.”

परिवार ने पेश की अनोखी मिशाल
स्थानीय जनप्रतिनिधि विजय मोटवानी ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” का संदेश समाज में ऐसे आयोजनों से मजबूत होता है. उन्होंने कहा कि बेटा भाग्य से और बेटियां सौभाग्य से होती हैं तथा परिवार ने पूरे धमतरी का नाम रोशन किया है. उन्होंने नवजात बच्ची के उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की. बेटी के जन्म पर निकाली गई यह जश्न यात्रा न केवल परिवार की खुशी का प्रतीक बनी, बल्कि समाज को बेटियों के सम्मान और समानता का सकारात्मक संदेश भी दे गई. धमतरी में इस अनोखे उत्सव की चर्चा देर रात तक होती रही और हर कोई परिवार की सोच की प्रशंसा करता नजर आया.

Check Also

दर्द-बुखार समेत कई दवाएं जांच में फेल, छत्तीसगढ़ में बिक्री पर रोक; स्टॉक जब्त करने के निर्देश

छत्तीसगढ़ में दवाओं की गुणवत्ता को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। खाद्य एवं औषधि …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *