Kumbh Viral Girl News: कुंभ वायरल गर्ल मोनालिसा और फरमान की शादी मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) की जांच में बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. जांच में सामने आया कि लड़की का जन्म 30 दिसंबर 2009 को हुआ था, जबकि उसे बालिग बताकर निकाह कराया गया. इस शादी लड़की को बालिग बताने के लिए फर्जी प्रमाण पत्र का उपयोग किया गया जबकि लड़की अभी नाबालिग है.
फर्जी प्रमाण पत्र से दिखाया था बालिग
मोनालिसा को बालिग दिखाने के लिए महेश्वर नगरपालिका से जारी एक फर्जी जन्म प्रमाण पत्र का उपयोग किया गया था, जिसे अब निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. दूसरी तरफ पीड़िता के पिता की शिकायत पर महेश्वर पुलिस ने आरोपी फरमान खान के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) एक्ट और एट्रोसिटी एक्ट के तहत FIR दर्ज की है.
बड़े एजेंडे के तहत निकाह की आशंका
सबसे बड़ी बात तो ये है कि अब आयोग ने इस मामले की जांच आदिवासी बच्चों की तस्करी के एंगल से करनी शुरू कर दी कर दी है. जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी और पीड़िता पिछले तीन महीनों से विभिन्न VIP होटलों में ठहरे रहे थे. मामले में अधिवक्ता प्रथम दुबे ने आयोग के समक्ष एक गंभीर मुद्दा उठाया है. आशंका जताई जा रही है कि यह निकाह किसी बड़े एजेंडे का हिस्सा हो सकता है.
दो राज्यों को डीजीपी को किया तलब
जांच में पता चला है कि महेश्वर के शासकीय अस्पताल के रिकार्ड में 30 दिसम्बर 2009 को शाम 5 बजकर 50 मिनट पर मोनालिसा का जन्म हुआ था. NCST अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 22 अप्रैल 2026 को केरल और मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को दिल्ली मुख्यालय तलब किया है और जांच की रिपोर्ट हर तीन दिन में देने के निर्देश भी दिए हैं.
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