आशा ताई के बहाने

हिंदी फिल्मे हो और नाच गाना न हो तो कम से कम गुजरे जमाने के लोग सिनेमा हाल ही में नहीं जाते। गाना, तो फिल्मों की कहानी के बाद सबसे अनिवार्य पक्ष रहा है। एक दौर तो ये भी आया था कि पांच छ गाने तैयार कर फिल्म बनाने की भी बात हुई थी।

फ़िल्मों में केवल नायक और नायिका ही गाना गाते हो ऐसा जरूरी था लेकिन खलनायिका के लिए एक गाना तो अनिवार्य ही था। खलनायिका न भी हो तो खलनायक, को खोजने के लिए या खलनायक के मनोरंजन के लिए एक सहनायिका हुआ करती थी जो कोठे , होटल या क्लब में गाना गाती ही थी। इसे आज के जमाने में आइटम सॉन्ग कहा जाता है। ऐसे गाने को गाने के लिए सुरीली आवाज के बजाय खनकती या स्मोकी आवाज की जरूरत हुआ करती थी और आज भी है आज एक ऐसी ही आवाज खामोश हो गई, आशा भोसले पंच तत्व में विलीन हो गई.

हिंदुस्तान की स्वर कोकिला लता मंगेशकर की आशा भोसले छोटी बहन थी लता को हिंदुस्तान फिल्म इंडस्ट्री ने सर आंखों पर बिठा रखा था क्योंकि वे नायिकाओं की एकमात्र स्वीकृत आवाज थी। लता, मंगेशकर पार्श्व गायन की वट वृक्ष थी जिसके नीचे कोई पनप नहीं सकता था। छोटी बहन आशा भी नहीं पनप सकी। अर्सो तक आशा भोसले के हिस्से में हेलन, बिंदु, पद्मा खन्ना,अरुणा ईरानी सहित खलनायिकाओं के ही गाने आए। लता मंगेशकर ने जब गाने कम किए तब आशा भोसले को माइलेज मिला।

मूड मूड के न देख मूड मूड के, आइए मेहरबा,पिया तू अब तो आजा, हुस्न के लाखों रंग, ये मेरा दिल प्यार का दीवाना,दिल जलो का दिल जला के, ये धुवां मेहरबान,जैसे कैबरे वाले गाने आशा भोसले की पहचान थी। बीच बीच में इक्का दुक्का अच्छे गाने भी हिस्से में आए। आशा भोसले के रिबर्थ में पंचम दा याने आर डी बर्मन का योगदान ज्यादा रहा। हम किसी से कम नहीं का। गाना ये लड़का हाय अल्ला कैसा है दीवाना से आशा को माइलेज मिला और रंगीला में झूम लगा के नाचे रे के अलावा मुमताज, रेखा जीनत अमान, परवीन बॉबी सहित करिश्मा कपूर के लिए आशा की आवाज काम आई।

दम मारो दम, जवान जाने मन, कोई शहरी बाबू दिल लहरी बाबू,तुझको हुई न खबर, जरा सा झूम लू मै जैसे गानों में आशा भोसले को खूब सराहना मिली। रेखा अभिनीतvफिल्म “उमराव जान” में आशा भोसले ने – दिल चीज क्या है दोस्तो, इन आंखों की मस्ती के, ये कौन सी जगह है दोस्तो, जुस्तजू जिसकी थी उसको तो न पाया हमने, गाना गाकर अपने गायन के पूरे दौर में लता के समकक्ष आंकी गई। ओ पी नैय्यर और खय्याम ने आशा भोसले की आवाज के जादू को समझा ये बड़ी बात थी। गायकों के हिस्से में अमर होने के लिए अपनी आवाज छोड़ जाना होता है।आशा भोसले की भी आवाज अमर रहेगी।

Check Also

Tiger Shroff Firing Case: सलमान खान थे असली निशाना? घर की रेकी के बाद बदला प्लान, टाइगर पर फायरिंग का दावा

Tiger Security Threat Investigation: टाइगर श्रॉफ पर हमले के आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं. पुलिस …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *