एमपी में वेतन पर बवाल! 10 लाख आउटसोर्स कर्मियों ने दी आंदोलन की चेतावनी, हरियाणा-यूपी से भी कम है सैलरी

MP outsourcing employees protest: मध्य प्रदेश की राजधानी में इन दिनों लगातार विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं. पेंशन को लेकर लेकर पहले ही कर्मचारी हल्‍ला बोल प्रदर्शन कर रहे हैं. इन सब के बीच प्रदेश के 10 लाख से ज्यादा आउटसोर्स कर्मचारी भी आंदोलन कर रहे हैं. उनकी मांग है कि हरियाणा-यूपी की तरह ही उनकी भी सैलरी बढ़ाई जाए. मौजूदा सैलरी अन्‍य राज्‍यों के मुकाबले 35 प्रतिशत से ज्यादा तक कम है. यही वजह है कि उन्‍होंने प्रदर्शन की चेतावनी दी है.

आउटसोर्स कर्मचारियों की मांग है कि जो काम हम करते हैं, उसी काम के हरियाणा और यूपी जैसे राज्यों में ज्यादा पैसे दिए जाते हैं, तो मध्य प्रदेश में भी वैसा ही होना चाहिए. मौजूदा सैलरी अन्‍य राज्‍यों के मुकाबले 35 प्रतिशत से ज्यादा तक कम है. यही वजह है कि कर्मचारियों ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है.

वित्तीय वर्ष में नहीं बढ़ाई गई सैलरी
वित्तीय वर्ष में हर किसी को उम्‍मीद रहती है कि इस बार उनकी सैलरी जरूर बढ़ाई जाएगी. लेकिन, मध्य प्रदेश के आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए वित्तीय वर्ष निराशाजनक रहा है. उनकी सैलरी महज 275 रुपये प्रतिमाह ही बढ़ाई गई है. यानी की मौजूदा सैलरी का महज 2 से 2.5 प्रतिशत ही बढ़ाया गया है. यही वजह है कि उनकी नाराजगी सामने आ रही है. दूसरे राज्यों में यही सैलरी 35 प्रतिशत तक बढ़ाई गई है.

महंगाई के दौर में भी नहीं बढ़ रही सैलरी
मप्र में आउटसोर्स कर्मचारी बड़ी संख्या में नगर निगम और सफाई व्यवस्था, स्कूल-कॉलेज, सुरक्षा गार्ड, डेटा एंट्री ऑपरेटर, पंचायत व कार्यालयीन सेवाएं इन विभागों में हैं

कर्मचारियों का कहना है कि इस समय महंगाई आसमान छू रही है. पहले के मुकाबले हर चीज महंगी हो चुकी है. गैस से लेकर किराना तक महंगा हो गया है. इसके बाद भी हमारी सैलरी नहीं बढ़ाई जा रही है. ऐसे में हम अपने परिवार का भरण-पोषण कैसे करेंगे.

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