MP News: मध्य प्रदेश वाकई अजब और गजब है. अब यहां की पुलिस और उसके बयान भी अजब-गजब हो गए हैं. कानून की किताब कहती है कि पुलिस जनता की संपत्ति की रक्षक है. लेकिन मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले से जो खबर आ रही है, उसे सुनकर आप दंग रह जाएंगे. यहां पुलिस की कस्टडी में रखा 2000 लीटर डीजल ‘हवा’ हो गया. जी हां, विज्ञान के नियमों को ठेंगा दिखाते हुए हनुमना थाना पुलिस ने थ्योरी दी है कि बंद टैंकर से तेल उड़ गया है.
विस्तार से जानिए क्या है पूरा मामला
पूरा मामला हनुमना थाना अंतर्गत पिपराही चौकी का है. साल 2022 में पुलिस ने मऊगंज निवासी सुमित कुमार गुप्ता की पिकअप गाड़ी को 2000 लीटर डीजल के साथ जप्त किया था. अवैध परिवहन का आरोप लगा तो मामला कलेक्टर कोर्ट पहुंचा. पीड़ित सुमित ने हार नहीं मानी, कानूनी लड़ाई लड़ी. कोर्ट के आदेश पर सुमित ने 1,81,630 रुपये का भारी-भरकम जुर्माना सरकारी खजाने में जमा किया. उसे उम्मीद थी कि जुर्माना भरने के बाद उसकी गाड़ी और डीजल वापस मिल जाएगा. लेकिन जैसे ही सुमित चौकी पहुंचा, उसके पैरों तले जमीन खिसक गई. टैंकर का ताला बंद था, लेकिन अंदर तेल की एक बूंद तक नहीं थी. जब सुमित ने थाने में गुहार लगाई, तो उसे जो जवाब मिला वो हैरान करने वाला था. साहबों ने कह दिया डीजल उड़ गया. अब सवाल यह है कि कड़े पहरे और बंद ताले के बीच 2000 लीटर डीजल कैसे उड़ सकता है? क्या इसे भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दिया गया?
पीड़ित बोला- साढ़े 3 लाख की चपत लग गई
इस पूरे मामले की सुई हनुमना थाना प्रभारी अनिल काकड़े की ओर घूम रही है. काकड़े साहब का विवादों से पुराना नाता है. उन पर आरोप हैं कि उनके कार्यकाल में महज 50 मिनट में 6 FIR दर्ज हो जाती हैं और गवाह भी ‘सेट’ होते हैं. चर्चा तो यहां तक है कि साहब को किसी बड़े रसूखदार का संरक्षण प्राप्त है, तभी तो 300 से अधिक संदिग्ध मामलों में नाम आने के बाद भी उन पर आंच नहीं आई.
आज पीड़ित सुमित गुप्ता दोहरी मार झेल रहा है. साढ़े तीन लाख की चपत लग चुकी है और ऊपर से शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है. सवाल मऊगंज पुलिस के आला अधिकारियों से है कि क्या आपकी नाक के नीचे भ्रष्टाचार का यह खुला खेल चलता रहेगा? क्या जनता की मेहनत की कमाई को ‘उड़ने वाली थ्योरी’ के नाम पर डकारा जाता रहेगा?
INDIA WRITERS Voices of India, Words That Matter