Indian Airlines Crises: मिडिल ईस्ट एशिया में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहा युद्ध का असर भारत की एयरलाइंस इंडस्ट्री पर पड़ रहा है. फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस(FIA) ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय को पत्र लिखकर मदद मांगी है. एफआईए ने अपने लिखे पत्र में बताया है कि विमान ईंधन(ATF) के दामों में बढ़ोत्तरी के कारण विमान संचालन में बहुत समस्या आ रही है. इसके कारण भारत में एयरलाइंस इंडस्ट्री पर बहुत ज्यादा दबाव है.
ATF की कीमत में 73 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोत्तरी
एफआईए ने अपने लिखे पत्र में बताया है कि विमान ईंधन की कीमत में 73 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोत्तरी हो गई है. जिसके कारण एयरलाइंस कंपनियों पर काफी भार पड़ रहा है. फायदा तो हो नहीं रहा उल्टा घाटे का सौदा बन गया है. ऐसे में एयरलाइंस कंपनियां दबाव में है या फिर बंद होने की कगार पर पहुंचने वाली हैंं.
परिचालन का खर्च 60 परसेंट तक पहुंचा
एफआईए भारत की कई प्रमुख एयरलाइंस एयर इंडिया और इंडगो समेत अन्य एयरलाइंस का समूह है. जो एयरलाइंस की समस्याओं का ध्यान रखती है. एफआईए ने सरकार को बताया है कि अब तक विमानों के एटीएफ में एयरलाइंस के संचालन का 30 से 40 परसेंट पैसा खर्च होता था. लेकिन खाड़ी के देशों में युद्ध के कारण इसकी कीमत में काफी इजाफा हो गया है. अब इसका खर्च संचालन के खर्च से 55 से 60 परसेंट तक आ रहा है. ऐसे में कंपनियों के लिए संचालन करना मुश्किल हो गया है.
आने वाले दिनों में बढ़ सकती हैं मुश्किलें
एफआईए के अनुसार अगर आने वाले दिनों में युद्ध ऐसे ही चलता रहता है और रुपये की कीमत में अगर गिरावट होती है तो आने वाले समय में इसका असर एटीएफ की कीमतों पर पड़ेगा. जिसका असर एयरलाइन के संचालन पर होगा.
एफआई न मदद मांगते हुए सरकार से एटीएफ पर लगने वाला एक्साइज ड्यूटी टैक्स कम करने के लिए कहा है. अभी ये टैक्स लगभग 11 परसेंट है. इसके अलावा तमिलनाडु और दिल्ली जैसे राज्यों जहां से फ्लाइट का संचालन ज्यादा होता है. यहां पर वैट को कम करने की अपील की है.
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