Ujjain: बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन दुनिया भर में अपने धार्मिक महत्व के लिए जानी जाती है. इस शहर में प्रतिदिन लाखों लोग बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचते हैं. अब मंदिर प्रशासन द्वारा नई व्यवस्था लागू की गई है. जिसके तहत श्रद्धालुओं ऑनलाइन ही महाकाल अन्नक्षेत्र में दान कर पुण्य अर्जित कर सकते है. अभी तक यह सुविधा ऑफलाइन थी, जिसमें श्रद्धालुओं को अन्न क्षेत्र पहुंचकर दान करना पड़ता था. अब नई व्यवस्था लागू होने से भक्त अपने मन मुताबिक ही दिन चुनकर अन्नक्षेत्र में दान कर सकते हैं.
अपने मन की दिन चुन सकते हैं भक्त
नए नियमों के तहत भक्तों को दिन चुनने की आजादी तो लोग जन्मदिन, मैरिज एनिवर्सरी या अन्य शुभ अवसरों पर भी भोजन प्रसादी की बुकिंग कर सकते हैं. इस नए नियम की एक खास बात एक और है कि दान करने वाले श्रद्धालुओं को भोग आरती के दौरान मंदिर ले जाया जाएगा और उनके हाथों से भगवान महाकाल को भोग अर्पित कराया जाएगा.
नया आध्यात्मिक अनुभव
मंदिर प्रशासन का मानना है कि इस पहल से अधिक श्रद्धालु अन्न क्षेत्र सेवा से जुड़ेंगे और भक्तों को नया आध्यात्मिक अनुभव मिलेगा. गौरतलब है कि भगवान महाकाल को रोज सुबह 10 बजे भोग अर्पित किया जाता है. थाली में गेहूं की रोटी, दाल-चावल और दो तरह की सब्जियां रहती हैं. कई बार श्रद्धालु अपनी ओर से मिठाई अर्पित करते हैं, उसे भी भोग थाली में शामिल किया जाता है. आरती में भगवान महाकालेश्वर को प्रसाद लगाने के बाद अन्नक्षेत्र में भक्तों को प्रसाद वितरित किया जाता है.
हर आरती का रेट तय
मंदिर समिति की तरफ से भस्म आरती की तर्ज पर अन्य आरतियों के दर्शन की भी नई व्यवस्था शुरू कर दी गई है. बाबा महाकाल की संध्या और शयन आरती में शामिल होने के लिए अब आपके पास 250 रुपये का पास होना आवश्यक है. इससे मंदिर समिति को रोजाना 6 लाख रुपए की अतिरिक्त आय होगी. यानी की हर महीने 1.80 करोड़ और साल भर में 22 करोड़ रुपये की अतिरिक्त मिलेंगे.
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