UP CM Fuel Saving Drive: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने वैश्विक हालात को देखते हुए बड़ा फैसला लिया है. उन्होंने प्रदेश के अंदर चल रहे सभी औद्योगिक संस्थानों, स्टार्टअप्स और अधिक कर्मचारियों वाली कंपनियों में दो दिनों का वर्क फ्रॉम होम लागू करने को लेकर एडवाइजरी जारी करने के निर्देश दिए हैं. योगी सरकार की इस पहल से ट्रैफिक दबाव कम होगा, ईंधन की खपथ घटेगी और प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलेगी. इसके साथ ही कर्मचारियों को भी राहत मिलेगी. उन्हें ऑफिस नहीं जाना पड़ेगा, बल्कि घर पर रहकर ही काम करना होगा. योगी सरकार ने यह निर्देश सिर्फ निजी संस्थानों के लिए ही नहीं दिया. सरकारी संस्थानों को भी निर्देश दिए हैं.
इसके अलावा सीएम योगी ने साफ निर्देश दिए हैं कि सभी मंत्री अपने काफिले में 50 प्रतिशत वाहनों की कटौती करें. सीएम योगी ने यह फैसला उच्च स्तरीय बैठक के दौरान लिया. इस दौरान उन्होंने पब्लिक ट्रांसपोर्ट, बिजली बचत, कार पूलिंग और वर्चुअल बैठकों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया. सीएम ने यह निर्देश पीएम मोदी की अपील के बाद दिए हैं.
सरकार से ही होगी बदलाव की शुरुआत
सीएम योगी ने मुख्य सचिव, डीजीपी, अपर मुख्य सचिवों और प्रमुख सचिवों के साथ वैश्विक हालात को देखते हुए बैठक आयोजित की थी. जिसमें उन्होंने पीएम मोदी के आह्वान को व्यवहारिक रूप से लागू करने की बात कही. सीएम ने कहा कि इस बदलाव की शुरुआत सरकार से ही होनी चाहिए. इस दौरान अपील करते हुए कहा कि मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों को कम से कम एक दिन सार्वजनिक परिवहन करना चाहिए. सीएम का मानना है कि अगर इसकी शुरुआत सरकार से ही होगी, तो जनता के बीच सकारात्मक संदेश जाएगा.
50 प्रतिशत बैठकों को ऑनलाइन करने के निर्देश
सीएम योगी ने राज्य सचिवालय और निदेशालय की 50 प्रतिशत बैठकों को ऑनलाइन आयोजित करने के निर्देश दिए हैं. शिक्षा विभाग को भी निर्देश दिए गए हैं कि स्कूलों और कॉलेजों के सेमिनार-बैठकों को डिजिटल माध्यम से किया जाए. स्कूल-कालेजों में निजी वाहनों की बजाय स्कूल बसों का उपयोग किया जाए. इससे ट्रैफिक तो कम होगा कि साथ ही सुरक्षा भी मिलेगी.
INDIA WRITERS Voices of India, Words That Matter