अनूपपुर। जिले में राजस्व प्रकरण के निराकरण में लापरवाही बरतने वाले 3 पटवारियों को कलेक्टर ने निलंबित कर दिया है। इनमें पटवारी रामबदन चौधरी, प्रियंका सोनी तथा सतेन्द्र विश्वकर्मा शामिल है। सभी के खिलाफ मप्र सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के साथ-साथ मूलभूत नियमों का उल्लंघन के कारण कार्रवाई की गई है।
लंबित राजस्व प्रकरणों की समीक्षा बैठक
दरअसल जिला पंचायत सभागार में 4 दिसम्बर को आयोजित राजस्व अधिकारियों की बैठक में तहसील जैतहरी, अनूपपुर तथा कोतमा में लंबित राजस्व प्रकरणों की समीक्षा की गई। जिसमें हल्का पटवारी जैतहरी रामबदन चौधरी के हल्का अंतर्गत नामांतरण के 64 तथा बंटवारा के 30 प्रकरण, हल्का पटवारी सेंदुरी प्रियंका सोनी के हल्का अंतर्गत नामांतरण के 16 तथा बंटवारा के 6 प्रकरण एवं हल्का पटवारी देवगवां सतेन्द्र विश्वकर्मा के हल्का अंतर्गत नामांतरण के 13 तथा बंटवारा के 05 प्रकरण लंबित था। उक्त प्रकरणों के समुचित निराकरण के लिए हल्का पटवारी जैतहरी, सेंदुरी तथा देवगवां के द्वारा कोई सकारात्मक प्रयास नहीं किया गया।
निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा
पटवारियों द्वारा किया गया उक्त कृत्य पदीय कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही व स्वेच्छाचारिता को दर्शाता है। जिसे संज्ञान में लेते हुए कलेक्टर हर्षल पंचोली ने पटवारी रामबदन चौधरी, प्रियंका सोनी तथा सतेन्द्र विश्वकर्मा को सिविल सेवा (वर्गीकरण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 9 के अंतर्गत रविवार की रात निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में पटवारी चौधरी का मुख्यालय कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अनुभाग जैतहरी, पटवारी सोनी का मुख्यालय कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अनुभाग अनूपपुर तथा पटवारी विश्वकर्मा का मुख्यालय कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अनुभाग कोतमा नियत किया गया है। निलंबन अवधि में इन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदाय किया जाएगा।
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