NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। एजेंसी के मुताबिक, इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड केमिस्ट्री लेक्चरर पीवी कुलकर्णी है। सीबीआई का कहना है कि कुलकर्णी ने अपने कोचिंग सेंटर को सफल बनाने और ज्यादा कमाई के लिए छात्रों को परीक्षा से पहले सवाल और जवाब उपलब्ध कराए।
जांच में सामने आया है कि कुलकर्णी ने अपनी सहयोगी मनीषा वाघमरे के साथ मिलकर पुणे स्थित अपने घर पर “स्पेशल क्लासेस” चलाई थीं। इन क्लासेस में छात्रों को परीक्षा में आने वाले सवाल, उनके विकल्प और सही जवाब बताए जाते थे। इसके बदले छात्रों से मोटी रकम वसूली गई थी।
सीबीआई सूत्रों के अनुसार, मामला तब खुला जब कुलकर्णी की कोचिंग के एक छात्र ने पैसों की भरपाई के लिए वही “गेस पेपर” सोशल मीडिया और दूसरे कोचिंग चलाने वालों तक पहुंचा दिया। धीरे-धीरे यह पेपर सैकड़ों लोगों तक फैल गया।
पेपर लीक होने का शक तब गहरा गया जब छात्रों की नोटबुक में लिखे सवाल 3 मई 2026 को हुई असली NEET परीक्षा के प्रश्नों से पूरी तरह मेल खाते पाए गए।
सीबीआई ने बताया कि पीवी कुलकर्णी मूल रूप से महाराष्ट्र के लातूर जिले का रहने वाला है और पुणे में पढ़ाता था। लंबी पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। एजेंसी ने कई राज्यों में छापेमारी कर मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और अहम दस्तावेज जब्त किए हैं, जिन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
यह मामला 12 मई 2026 को शिक्षा मंत्रालय की शिकायत के बाद दर्ज किया गया था। इसके बाद सीबीआई ने देशभर में विशेष टीमें बनाकर जांच शुरू की।
अब तक इस केस में 7 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। गिरफ्तारियां जयपुर, गुरुग्राम, नासिक और अहमदाबाद से हुई हैं। सीबीआई अब इस मामले में मनी ट्रेल और पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।
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