देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद विपक्ष ने केंद्र सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी नेताओं ने महंगाई को लेकर सरकार पर निशाना साधा है।
कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश दौरे पर तंज कसते हुए कहा कि पीएम विदेश यात्रा पर गए और देशवासियों को पेट्रोल-डीजल महंगा होने का “तोहफा” दे गए। उन्होंने कहा कि अगर चुनाव चल रहे होते तो शायद पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़ते।
वहीं समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि “आगे बढ़ना है तो साइकिल ही विकल्प है।” उन्होंने बढ़ती महंगाई के बीच साइकिल को बेहतर विकल्प बताया।
टीएमसी सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने भी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि पहले जनता से वोट लिया जाता है और फिर पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ाकर लोगों पर बोझ डाला जाता है।
शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी सरकार से सवाल पूछते हुए कहा कि रुपया, पेट्रोल और डीजल में सबसे पहले “सेंचुरी” कौन लगाएगा।
कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि चुनाव खत्म होते ही जनता से “वसूली” शुरू हो गई है। पार्टी ने दावा किया कि पेट्रोल-डीजल के साथ-साथ सीएनजी की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है।
इधर दूध की कीमतों में बढ़ोतरी ने भी लोगों की चिंता बढ़ा दी है। देश की बड़ी डेयरी कंपनियों ने दूध के दाम 2 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ा दिए हैं, जिससे आम लोगों के घर का बजट और प्रभावित हो सकता है।
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