Cm Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश में हाल ही में कैबिनेट का विस्तार किया गया था. इसमें 6 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई थी. इसके साथ ही 2 मंत्रियों का प्रमोशन भी हुआ था. कैबिनेट विस्तार के बाद अब विभागों के बंटवारे को लेकर हलचल तेज हो गई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात कर सरकार और संगठन से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा की है.
सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में मंत्रिमंडल में शामिल किए गए नए चेहरों को कौन सा विभाग दिया जाए, इस पर मंथन हुआ है. खास तौर पर पीडब्ल्यूडी जैसे अहम विभाग को लेकर पार्टी के भीतर कई स्तरों पर चर्चा चल रही है. माना जा रहा है कि विभागों का ऐलान जल्द किया जा सकता है और कुछ पुराने मंत्रियों के विभागों में भी बदलाव संभव है.
सामाजिक संतुलन साधने की हुई कोशिश
बीजेपी ने हालिया कैबिनेट विस्तार में सामाजिक संतुलन साधने पर जोर दिया है. नए मंत्रियों में ओबीसी, दलित और ब्राह्मण समुदाय के नेताओं को जगह देकर पार्टी ने 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है. अब चर्चा इस बात की है कि क्या इन नेताओं को प्रभावशाली मंत्रालय देकर पार्टी अपने सामाजिक समीकरण को और मजबूत करेगी.
दिल्ली दौरे के दौरान संगठनात्मक बदलावों पर भी बातचीत हुई. यूपी बीजेपी की नई टीम, निगमों और आयोगों में नियुक्ति तथा सरकार-संगठन के तालमेल को लेकर भी रणनीति बनाई जा रही है. पार्टी नेतृत्व चाहता है कि आने वाले चुनावों से पहले सरकार और संगठन दोनों को नए स्वरूप में तैयार किया जाए.
विधानसभा चुनावों में एक साल का समय
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए अभी एक साल का समय बाकी है. हालांकि तमाम राजनीतिक दल अपनी अपनी तैयारियों में अभी से लग गए हैं. यही वजह है कि यूपी में बीजेपी ने भी अपने राजनीतिक के साथ-साथ क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरण साधने शुरू कर दिए हैं. यही वजह है कि मंत्रिमंडल विस्तार में इस बात का खास ध्यान रखा गया है.
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