Bihar Politcs: बिहार की राजनीति में इन दिनों एक तस्वीर और एक मंच की काफी चर्चा हो रही है. मामला राजद के नवनिर्वाचित एमएलसी सोनू राय के शपथ ग्रहण समारोह का है, जहां बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव एक साथ नजर आए. यही वजह है कि इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं.
दरअसल, भोजपुर-बक्सर स्थानीय प्राधिकरण सीट से राजद उम्मीदवार सोनू कुमार राय निर्वाचित हुए थे. उनके शपथ ग्रहण कार्यक्रम में विधान परिषद सभापति अवधेश नारायण सिंह मौजूद थे. इसी कार्यक्रम में सम्राट चौधरी और तेजस्वी यादव भी पहुंचे.
दोनों नेताओं का आमना-सामना हुआ, हाथ मिलाया गया और थोड़ी बातचीत भी हुई. बताया गया कि तेजस्वी यादव ने हाथ जोड़कर अभिवादन किया और सम्राट चौधरी ने भी जवाब दिया. राजनीति में इस तरह की तस्वीर बहुत कम ही देखने को मिलती हैं.
हर किसी का खींचा ध्यान
इस पूरे घटनाक्रम ने इसलिए ज्यादा ध्यान खींचा क्योंकि बिहार में भाजपा और राजद एक-दूसरे के बड़े राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी माने जाते हैं. ऐसे में दोनों नेताओं का एक ही कार्यक्रम में सहज अंदाज में दिखना लोगों को चौंकाने वाला लगा. कई राजनीतिक विश्लेषक इसे सॉफ्ट पॉलिटिक्स या रिश्ते संभालने वाली रणनीति के तौर पर देख रहे हैं.
चर्चा इस बात की भी हो रही है कि क्या मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी अब पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तरह सभी दलों से संवाद बनाए रखने की राजनीति अपना रहे हैं. क्योंकि बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार की पहचान अक्सर विरोधियों से भी संवाद बनाए रखने वाले नेता की रही है.
तेजस्वी यादव ने बोला हमला
कार्यक्रम के बाद तेजस्वी यादव ने मीडिया से बातचीत में चुनाव, बैलेट पेपर और राज्य सरकार के कामकाज पर भी टिप्पणी की. उन्होंने दावा किया कि अगर बैलेट पेपर से चुनाव हो तो भाजपा टिक नहीं पाएगी. साथ ही भर्ती परीक्षाओं और महिलाओं से जुड़े वादों को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए.
हालांकि अभी तक इस मुलाकात को लेकर किसी भी पक्ष ने किसी राजनीतिक समझौते या बड़े बदलाव का संकेत नहीं दिया है. लेकिन, बिहार की राजनीति में जिस तरह छोटे घटनाक्रम भी बड़े संदेश माने जाते हैं, उसी वजह से यह तस्वीर चर्चा का विषय बनी हुई है.
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