Breaking News

‘देश की व्यवस्था कोई एक पार्टी नहीं बदल सकती…’, बाबा रामदेव ने सरकार को क्‍या दी सलाह?

Yoga Guru Baba Ramdev: देश में पिछले कुछ दिनों के भीतर कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन देखने को मिले हैं. कई जगहों पर हालात ऐसे बने की सरकार ही बैकफुट पर आ गई. यही वजह है कि आंदोलनों और प्रदर्शनों को लेकर कई तरह के सवाल खड़े होने लगे हैं. इन्हीं सब के बीच अब योग गुरु बाबा रामदेव ने देश की व्यवस्था और आंदोलनों को लेकर अपनी बात रखी है.

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्‍होंने कहा कि देश की पूरी व्यवस्था में बदलाव एक राजनीतिक पार्टी नहीं ला सकती है. आगे कहा कि यह बदलाव विपक्षी दल, संगठन या व्यक्ति के लिए संभव नहीं है. अगर बदलाव लाना है तो समाज, राजनीति और प्रशासन तीनों स्तरों पर जागरूकता और सुधार की जरूरत है.

आंदोलन को लेकर दी चेतावनी
बाबा रामदेव ने सरकार को यह भी चेतावनी दी कि अगर व्यवस्थागत समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो विरोध के स्वर और तेज हो सकते हैं. हालांकि, उन्होंने साफ किया कि आंदोलन का मतलब अराजकता पैदा करना नहीं होना चाहिए. उनके मुताबिक लोकतंत्र में विरोध करने का अधिकार है, लेकिन आंदोलनों में संवैधानिक और मानवीय मूल्यों का पालन होना चाहिए.

आंदोलन पर क्या बोले बाबा रामदेव?
रामदेव ने आंदोलनों के तरीके पर भी अपनी राय जाहिर की है. इस दौरान उन्होंने कहा कि संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए आंदोलन किए जा सकते हैं, लेकिन उनका तरीका शांतिपूर्ण, संवैधानिक और नैतिक होना चाहिए. कुल मिलाकर रामदेव ने आज के समय में हो रहे प्रदर्शनों पर सवालिया निशान खड़े किए हैं. उन्‍होंने कहा कि विरोध के नाम पर हिंसा या अराजकता को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए.

बच्‍चे ना हों प्रदर्शनों में शामिल- रामदेव
बाबा रामदेव ने खास तौर पर छोटे बच्चों को विरोध प्रदर्शनों में शामिल करने पर आपत्ति जताई है. उन्होंने कहा कि बच्चों को राजनीतिक या सामाजिक विरोध का हिस्सा बनाने के बजाय उनकी शिक्षा और भविष्य पर ध्यान दिया जाना चाहिए. रामदेव के मुताबिक देश में असली चिंता बच्चों, युवाओं, देश के वर्तमान और भविष्य के साथ-साथ प्रकृति, संस्कृति और सभ्यता को लेकर है. उन्होंने लोगों से समाज में जागरूकता बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया.

Check Also

सड़क नहीं, बच्चों के भविष्य की राह मांग रहे हैं साहब! ग्रामीणों ने विधायक का रास्ता रोककर लगाई गुहार

पन्ना। आदिवासी बहुल गांव टेढ़ी मझौली के ग्रामीणों का दर्द सड़कों के गड्ढों से कहीं …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *