Paddy Coriander Seeds Rakhi Innovation: राखी का त्योहार नजदीक आते ही बाजारों में तरह-तरह की राखियों की रौनक देखने को मिल रही है. इसी बीच मुंगेली में अनाज और प्राकृतिक वस्तुओं से तैयार की गई अनोखी राखियां लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई हैं. जय मां सरस्वती महिला समूह, फुलवारी की महिलाओं द्वारा तैयार की गई ये राखियां अपनी खूबसूरती और अनूठी कलाकारी के चलते लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही हैं.
धान, धनिया के फल से बनाई गई अनोखी राखियां
महिला समूह की सदस्यों ने पारंपरिक राखियों से अलग हटकर धान, नींबू के बीज, धनिया के फल सहित विभिन्न प्राकृतिक एवं अनाज से जुड़ी वस्तुओं का उपयोग कर आकर्षक राखियां और आभूषण तैयार किए हैं. इन राखियों में ग्रामीण कला, प्राकृतिक संसाधनों और महिलाओं की रचनात्मकता का सुंदर संगम देखने को मिल रहा है.
समूह की महिलाओं का कहना है कि स्थानीय स्तर पर उपलब्ध वस्तुओं का उपयोग कर राखियों को तैयार करने का उद्देश्य पारंपरिक कला को बढ़ावा देने के साथ-साथ महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ना भी है. प्राकृतिक सामग्री से बनी इन राखियों को पर्यावरण के अनुकूल और आकर्षक बनाने का प्रयास किया गया है.
इको फ्रेंडली राखी की हर तरफ हो रही चर्चा
राखी के त्योहार को लेकर लोगों में भी इन अनोखी राखियों को लेकर उत्सुकता देखने को मिल रही है. बाजार में मिलने वाली सामान्य राखियों से अलग इन राखियों में स्थानीयता, सादगी और रचनात्मकता नजर आती है.
यही वजह है कि ये राखियां लोगों के बीच खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं. महिला समूह की इस पहल से न केवल स्थानीय हस्तकला को पहचान मिल रही है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं की प्रतिभा और आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा मिल रहा है. त्योहार के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने की यह पहल महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है.
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