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CM मोहन यादव ‘तीर्थ दर्शन योजना’ ट्रेन को दिखाएंगे हरी झंडी, फ्री में कर सकेंगे यात्रा, जानें कैसे करें आवेदन

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार यानी 13 अगस्त को मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना की ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे. सीएम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन से उत्तर प्रदेश के अयोध्या के लिए ट्रेन को रवाना करेंगे. हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए इस ट्रेन के जरिए यात्रा करेंगे. ये ट्रेन अयोध्या के साथ-साथ बाबा विश्वनाथ की नगरी भी जाएगी.

इन तीर्थ स्थानों के लिए चलेंगी ट्रेन

  • 13 अगस्त: यूपी के वाराणसी और अयोध्या के लिए रवाना होगी ट्रेन
  • 28 अगस्त: आंध्र प्रदेश के प्रसिद्ध तीर्थ तिरुपति के लिए चलेगी ट्रेन, इसके लिए आप 16 अगस्त तक आवेदन कर सकते हैं.
  • 6 सितंबर: जम्मू कश्मीर के रियासी जिले में स्थित वैष्णो देवी मंदिर के लिए ट्रेन जाएगी. इसके लिए आवेदन 25 अगस्त तक करना होगा
  • 15 सितंबर: 51 शक्तिपीठों में से एक असम के गुवाहाटी में स्थित कामाख्या मंदिर के लिए ट्रेन रवाना होगी. आवेदन करने की अंतिम तारीख 3 सितंबर है.

किन लोगों को मिलेगा तीर्थ यात्रा का मौका?

  • मध्य प्रदेश का मूल निवासी हो
  • उम्र 60 साल से अधिक होनी चाहिए
  • आयकरदाता नहीं होना चाहिए
  • इस योजना का लाभ पहले ना लिया हो
  • शारीरिक और मानसिक रूप से सक्षम हो
  • किसी तरह का संक्रामक रोग ना हो (जैसे- टीबी, श्वास संबंधी रोग आदि)

आवेदन कैसे कर सकते हैं?

  • राज्य सरकार द्वारा जारी फॉर्म में जानकारी भरकर दो सेट में जमा करना होगा
  • आवेदन पत्र में भरे जाने वाली भाषा हिंदी होनी चाहिए
  • फॉर्म में पासपोर्ट साइज फोटो होना चाहिए
  • आवेदन के साथ निवास स्थान सर्टिफिकेट देना अनिवार्य है
  • इनमें एक दस्तावेज देना जरूरी है (जैसे- राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, बिजली बिल फोटोकॉपी, मतदाता पहचान पत्र, सरकार द्वारा जारी पहचान पत्र, आधार कार्ड की प्रतिलिपि आदि)

कैसे होता है यात्रियों का चयन?
मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत यात्रियों का चयन जिला कलेक्टर द्वारा किया जाता है. आवेदन को जांचा और परखा जाता है. अयोग्य और जिन लोगों ने पहले यात्रा की है, उन्हें आवेदन चयन प्रक्रिया से हटाया जाता है. उपलब्ध कोटे के आधार पर तीर्थयात्रियों के लिए चयन होता है. कोटे से अधिक आवेदन मिलने पर लॉटरी सिस्टम फॉलो किया जाता है.

तीर्थ यात्री के साथ एक व्यक्ति जा सकता है

  • मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत किसी तीर्थ यात्री की उम्र 65 साल से ज्यादा है तो उसे अपने साथ एक सहायक को ले जाने की अनुमति होगी.
  • समूह में यात्रा करने वालों के साथ एक सहायक को ले जाने की अनुमति होगी
  • एक ग्रुप में अधिकतम 5 तीर्थ यात्री शामिल हो सकते हैं
  • किसी पति या पत्नी का अकेले का नाम लॉटरी में आता है, तो उसका साथी भी तीर्थ यात्रा पर जा सकेगा.

2012 में शुरू हुई थी तीर्थ दर्शन योजना
मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना की शुरुआत 3 सिंतबर 2012 में हुई थी. तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान ने हरी झंडी दिखाकर तीर्थ दर्शन ट्रेन को तमिलनाडु के रामेश्वरम के लिए रवाना किया था. इस योजना के तहत प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों को देश के चिन्हित तीर्थ स्थलों यात्रा निशुल्क या मुफ्त में कराई जाती है.

नाश्ता से लेकर रुकने की व्यवस्था
तीर्थ यात्रियों को विशेष रेल से यात्रा पर ले जाया जाता है. नाश्‍ता, भोजन और शुद्ध पेयजल, तीर्थ स्‍थान पर रुकने की व्यवस्था, जहां जरूरी है वहां बस से यात्रा व अन्य सुविधाएं मध्य प्रदेश के धार्मिक न्यास और धर्मस्व विभाग से अनुबंधित इंडियन रेलवे केटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन लिमिटेड (IRCTC) द्वारा उपलब्ध करायी जाती है.

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