ईडी ने 7200 पन्नों की चालान की कॉपी न्यायालय में पेश कर दी। साठ दिन के भीतर चालान पेश न करने पर न्यायालय जमानत दे देता है। ब्राह्मणों द्वारा श्रापित पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटा चैतन्य बघेल बनाम बिट्टू के लिए ये अवसर ईडी ने नहीं छोड़ा। ईडी ने पेश चालान में बताया कि बिट्टू बाबा को पैसे पहुंचाने वालों में मुख्य रूप से महाभ्रष्ट अनिल टुटेजा और सौम्या चौरसिया का नाम लिखा गया है। ये दोनों पता नहीं क्या खा कर पैदा हुए है कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के घर नजर लगा दिए है।

बाप खाली जमानत, जेल न्यायालय के आसपास नजरआता है। बिट्टू को भी नहीं बख्से। वैसे भी कांग्रेस के शासनकाल में ही हल्ला होने लगा था कि महारानी की दिलचस्पी बाप से ज्यादा बेटे में थी। दुर्योधन की मदद से धृतराष्ट्र खुश होते है, यही करके राजमहल में सेवा दे रही थी। धृतराष्ट्र तो अभी तक बचे हुए है लेकिन बिट्टू दुर्योधन दो महीने से जेल में है। अनिल टुटेजा और सौम्या चौरसिया दोनों व्हाट्सएप मास्टर है। मैसेज मैसेज खेलते थे।अब यही मैसेज जंजाल बन गया है। चालान में मैसेज डिटेल्स है। दोनों के मोबाइल नंबर से भेजा गया है।

रकार में रह कर सरकारी कर्मचारी केवल तनख्वाह ले सकता है। आचरण पाक साफ रखना जरूरी है। अनिल टुटेजा और सौम्या चौरसिया ने सारी हदें पार कर दी।खुद तो डूबे सनम बघेल परिवार को ले डूबे। बिट्टू बाबा अंधा बाटे रेवड़ी खुद ही खुद को दे रहे थे। एक शराब व्यवसाई के कर्मचारियों को डेढ़ दर्जन फ्लैट दे दिए। कर्मचारियों को पता ही नहीं है।एक सोना व्यापारी पांच करोड़ रुपए देने पहुंच गया, वो भी नगद! वापस भी नहीं मिला, मांगा भी नहीं। अजब प्रेम की गजब कहानी है।
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